दंगा: हाईकोर्ट की कार्यवाही पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 22 Oct 2013 12:25 AM IST
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supreme court stays high court proceedings in muzaffarnagar riots

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मुजफ्फरनगर दंगा मामले में स्टिंग ऑपरेशन के बाद पुलिस वालों के तबादला मामले में यूपी सरकार की ओर से दायर स्थानांतरण याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिपक्षों को नोटिस जारी किया है।
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साथ ही सर्वोच्च अदालत ने हाईकोर्ट में लंबित पुलिस वालों की याचिका पर कार्यवाही पर रोक लगा दी है। शीर्षस्थ अदालत ने स्टिंग ऑपरेशन की जांच की मांग वाली एक अन्य याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। साथ ही इस याचिका को पहले से लंबित अन्य याचिकाओं से साथ संबद्ध कर दिया है।
चीफ जस्टिस पी. सदाशिवम की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष राज्य सरकार के अधिवक्ता रवि प्रकाश मेहरोत्रा ने कहा कि मुजफ्फरनगर दंगा मामले से संबंधित कई याचिकाएं शीर्षस्थ अदालत में लंबित हैं। ऐसे में कांस्टेबलों के तबादले के मसले पर हाईकोर्ट में लंबित याचिका का स्थानांतरण सुप्रीम कोर्ट अपने पास कर सुनवाई करे।
अधिवक्ता ने स्थानांतरण याचिका पर निर्णय तक पीठ से इस मामले में हाईकोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने की गुजारिश की, क्योंकि हाईकोर्ट की ओर से पुलिस वालों के तबादले पर रोक का आदेश जारी किया जा चुका है।

पीठ ने इस पर पूछा कि हाईकोर्ट ने किस आधार पर रोक लगाई है। जवाब में अधिवक्ता ने कहा कि पुलिस फोर्स में अनुशासन और धर्म निरपेक्षता को बनाए रखना राज्य की जिम्मेदारी है। इसी वजह से तबादला किया गया था, लेकिन हाईकोर्ट में दायर याचिका में राज्य सरकार पर कई आरोप लगाए गए हैं।

अधिवक्ता ने कहा कि राज्य सरकार ने एकता और निरंतरता को सुनिश्चित करने के लिए शीर्षस्थ अदालत का दरवाजा खटखटाया है। ऐसे में तथ्यों और स्थितियों को ध्यान में रखते हुए अदालत न्याय के हित के लिए इस मसले की याचिका को स्थानांतरित करने का आदेश जारी करे।

पीठ ने अधिवक्ता के तर्क से सहमति जताते हुए पंकज, रोहित, इंद्रपाल सिंह, विवेक तोमर, सोहनवीर सिंह समेत सात पुलिसकर्मियों को नोटिस जारी किया।
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