'10 हजार करोड़ जुटा नहीं पाए 30 हजार करोड़ कैसे जुटाओगे'
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सुब्रत राय की जमानत के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का जुगाड़ लगाने में नाकाम सहारा समूह की मौजूदा हालत पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है।
उधर, सहारा समूह ने एक बार शीर्ष अदालत से गुजारिश की है कि संपत्तियों की बिक्री के लिए खरीदार की तलाश करने केलिए सुब्रत राय सहारा और समूह केदो अन्य निदेशकों को तिहाड़ जेल में दी जा रही व्यवस्था और चार से छह हफ्ते तक केलिए बढ़ा दी जाए।
न्यायमूर्ति टी. एस. ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने समूह की मौजूदा स्थिति को देखते हुए कहा ...आप जेल से बाहर आने केलिए जरूरी रकम 10 हजार करोड़ रुपये का इंतजाम नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में जेल से बाहर आने केबाद 30 हजार करोड़ रुपये का इंतजाम कैसे करेंगे।
सहारा ने मांगा और समय
पीठ ने सहारा समूह केवकील को उचित आवेदन दाखिल करने का निर्देश दिया है। मालूम हो कि पिछले दिनों रिजर्ब बैंक ऑफ इंडिया ने अदालत में आवेदन दाखिल कर सहारा इंडिया फाइनेंसियल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एसआईएफसीएल) सेबी को अपना बकाया चुकता करने केलिए अपनी संपत्तियों के इस्तेमाल करने पर रोक लगाने की गुहार की थी।
आरबीआई का कहना था कि एसआईएफसीएल गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) है और वह आरबीआई के नियंत्रण में है। इससे पहले सहारा समूह ने अदालत को जानकारी दी थी कि 1050 मिलियन विदेशी होटलों को बेचने की कावयद फेल हो गई थी।
सुब्रत राय सहारा और समूह केदो निदेशक गत वर्ष चार मार्च से जेल में बंद हैं। सुब्रत राय को जमानत केलिए पांच हजार करोड़ रुपये नकद और इतनी ही राशि की बैंक गारंटी की दरकार है।