यौन उत्पीड़न पर पूर्व जस्टिस को नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को शीर्षस्थ अदालत के पूर्व न्यायाधीश व नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल के मौजूदा चेयरमैन स्वतंत्र कुमार को एक इंटर्न की ओर से दायर आवेदन पर नोटिस जारी किया। उसकी ओर से जस्टिस कुमार पर शारीरिक उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं।
आवेदन में इंटर्न ने अपने खिलाफ दायर मानहानि के दावे को दिल्ली हाईकोर्ट से अन्यत्र स्थानांतरित किए जाने की मांग की है। चीफ जस्टिस आरएम लोढ़ा की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि स्वतंत्र कुमार चार सप्ताह में इंटर्न के उस आग्रह पर जवाब दें, जिसमें यह आशंका जताई गई है कि उसे दिल्ली में न्याय नहीं मिलेगा क्योंकि कुमार शीर्ष पद पर हैं और प्रभाव डाल सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश
वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने कहा कि जब एक जज उसी कोर्ट में वादी के तौर पर जाता है तो मामले की सुनवाई हर हाल में अन्य अदालत को करनी चाहिए। जयसिंह इंटर्न की ओर से पीठ के समक्ष पेश हुई थीं। उन्होंने तर्क दिया कि मामले की सुनवाई कर्नाटक हाईकोर्ट को करनी चाहिए, जहां इंटर्न निवास करती है।
पीठ ने उनके तर्कों पर कहा कि हम लड़की ओर से जताई गई आशंकाओं को ध्यान में रखते हुए इस मामले में आगे जाएंगे। पीठ ने इसके बाद कुमार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता केके वेणुगोपाल से कहा कि इंटर्न के आग्रह पर चार सप्ताह में जवाब दाखिल करें। हालांकि पीठ ने हाईकोर्ट में चल रही कार्यवाही को लेकर कोई भी आदेश जारी करने से तब इनकार कर दिया।