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इतालवी नौसैनिक मामले में एनआईए को जांच की इजाजत

Sat, 27 Apr 2013 11:08 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Sat, 27 Apr 2013 11:08 AM IST
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Supreme court said NIA to move forward in Italian marine case

सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को भारत के दो मछुआरों की हत्या के आरोपी दो इतावली नौसैनिकों के खिलाफ मामले की जांच करने की इजाजत दे दी। साथ ही सर्वोच्च अदालत ने निर्देश दिया कि विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल होने के बाद इस मुकदमे की रोजाना सुनवाई की जाए।

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चीफ जस्टिस अल्तमस कबीर की अध्यक्षता वाली पीठ ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि केंद्र की ओर से स्थापित विशेष अदालत कोई अन्य मामला हाथ में नहीं लेगी और सिर्फ इस मुकदमे की सुनवाई जल्द से जल्द पूरी करेगी।
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पीठ ने कहा कि मुकदमे की सुनवाई पूरी होने तक दोनों इतावली नौसैनिक (मिसमिलियानो लातोरे और सल्वातोरे गिरोन) हिरासत में ही रहेंगे। इटली की सरकार ने सर्वोच्च अदालत से एनआईए को जांच सौंपने पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि यह मामला इस जांच एजेंसी के क्षेत्राधिकार में नहीं आता है।
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इटली सरकार ने मामले की जांच सीबीआई से कराने का आग्रह किया था। इटली सरकार ने सर्वोच्च अदालत में दायर याचिका में कहा था कि उसके नौसैनिकों पर जो आरोप लगाए गए हैं, वे एनआईए के दायरे में नहीं आते हैं।

इटली सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने पीठ से कहा था कि एनआईए मामले की जांच तभी कर सकती है जब इन नौसैनिकों के खिलाफ एसयूए के तहत भी आरोप लगे हों। उनका कहना था शीर्षस्थ अदालत ने कहा था कि इन नौसैनिकों के खिलाफ सिर्फ भारतीय दंड संहिता, अपराध प्रक्रिया संहिता और समुद्री सीमा क्षेत्र कानून तथा समुद्र से संबंधित संयुक्त राष्ट्र के कानून के तहत ही मुकदमा चलाया जाए।

गौरतलब है कि ये दोनों नौसैनिक इटली के व्यापारिक जहाज एनरिका लेक्सी पर सवार थे, जब उन्होंने गत वर्ष 15 फरवरी को केरल के तट से दूर कथित तौर पर दो भारतीय मछुआरों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।


अटॉर्नी जनरल गुलाम ई वाहनवती ने 16 अप्रैल को इटली सरकार की इन आपत्तियों का विरोध करते हुए कहा था कि एनआईए इस मामले की जांच कर सकती है। उन्होंने अदालत को भरोसा दिलाया था कि इस प्रकरण की जांच 60 दिनों में पूरी कर ली जाएगी।

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