यूपीपीएससी से हटाए गए अनिल यादव को सुप्रीम कोर्ट से भी झटका
अनिल यादव के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के सभी दरवाजे बंद हो गए हैं। सुप्रीम कोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद अनिल की यह उम्मीद भी खत्म हो गई। हालांकि अनिल की इसके बाद भी परेशानी कम होती नहीं दिख रही। न्यायालय का फैसला आने के बाद प्रतियोगियों की ओर से जगह-जगह जश्न मनाया गया।\
इस फैसले से प्रतियोगियों में जबरदस्त उत्साह है। उनका कहना है कि न्यायालय के फैसले से आयोग की भर्तियों की सीबीआई जांच की उनकी मांग और मजबूत हुई है। उनकी ओर से अगले सप्ताह हाईकोर्ट में याचिका दाखिला करने की भी तैयारी है। हाईकोर्ट ने अनिल यादव की आयोग के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति रद्द कर दी थी। अनिल ने सुप्रीम कोर्ट में इसके खिलाफ याचिका दाखिल की थी, लेकिन राहत नहीं मिली।
इससे पहले डॉ.सुनील कुमार जैन को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाकर प्रदेश सरकार पूर्व में ही स्पष्ट कर चुकी है कि अनिल यादव का एपिसोड बंद हो चुका है। उधर, सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले की जानकारी होने के बाद जगराम चौराहा, सलोरी आदि स्थानों पर प्रतियोगियों का जमावड़ा हुआ। उन्होंने मिठाई खिलाकर एक-दूसरे को बधाई दी।
प्रतियोगियों ने मनाया जश्न
प्रतियोगियों ने सीबीआई जांच की मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने की घोषणा की। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अवनीश पांडेय का कहना है कि प्रतियोगियों की सीबीआई जांच के लिए जनहित याचिका पहले से हाईकोर्ट में लंबित है।
पूर्व डीजीपी रिबेरो तथा अन्य 12 लोगों की ओर से तीन-चार दिनों में याचिका दाखिल की जाएगी। उनका कहना है कि जब सुप्रीम कोर्ट ने अनिल यादव की नियुक्ति को असंवैधानिक मान लिया है तो उनके कार्यकाल की सीबीआई जांच अपरिहार्य है।
जश्न मनाने वालों में दिवाकर पांडेय, अखंड प्रताप सिंह, अशोक पांडेय, अमरेंदु सिंह, पूर्णेंदू सिंह, योगेश चंदेल, प्रवीण सिंह, राजीव त्रिपाठी, शिवम, सतपाल सिंह, प्रभाकर पांडेय आदि शामिल रहे।