फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Supreme Court refuses to stop animal sacrifice

पशु बलि रोकने की याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

Mon, 28 Sep 2015 08:20 PM IST
Updated Mon, 28 Sep 2015 08:20 PM IST
विज्ञापन
Supreme Court refuses to stop animal sacrifice

धार्मिक उत्सवों के दौरान होने वाली पशुओं की बलि पर प्रतिबंध लगाने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विभिन्न मान्यताओं केबीच सद्भावना बनाए रखना जरूरी है।

विज्ञापन


चीफ जस्टिस एचएल दत्तू की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि अदालत केलिए सभी धर्मों और मान्यताओं केबीच सद्भावना बनाए रखना जरूरी है। यह बेहद नाजुक मसला है। लोगों द्वारा सदियों से चले आ रहे प्रचलन को कोर्ट कैसे नजरअंदाज कर सकता है।
विज्ञापन


याचिका तमिलनाडु के पत्रकार वी राधाकृष्णन ने दाखिल की थी। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राजू रामचंद्रन  ने कि किसी भी धर्म या मान्यता के तहत पशुओं की होने वाली बलि की प्रथा को असंवैधानिक करार दिया जाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

पशुओं की बलि प्रथा संविधान का उल्लंघन

Supreme Court refuses to stop animal sacrifice

याचिका में कहा गया था कि पशुओं की बलि की प्रथा भारतीय संविधान के अनुच्छेद-14, 21, 29 और 30 का उल्लंघन है। याचिका में प्रीवेंशन ऑफ क्रूएल्टी टू एनिमल एक्ट, 1960 के खंड-28 को असंवैधानिक करने की मांग की गई है, जहां तक धर्म के नाम पर पशुओं को मारने की प्रथा को छूट मिलने की बात है।

याचिका में कहा गया था कि यह पशुओं के साथ अत्याचार है। आमतौर पर बलि खुले में होते हैं। बच्चे भी इसे देखते हैं। बलि प्रथा बहुत पुरानी और बर्बर प्रथा है। अंधविश्वास ने इस प्रथा को जन्म दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed