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'क्रिकेट में खिलाड़ी के बिना फिक्सिंग संभव नहीं'

Tue, 12 Nov 2013 08:11 AM IST
पीयूष पांडेय/अमर उजाला, दिल्ली
पीयूष पांडेय/अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 12 Nov 2013 08:11 AM IST
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supreme court questioned in ipl fixing case

बिना किसी खिलाड़ी के क्रिकेट में फिक्सिंग भला कैसे हो सकती है। यदि खिलाड़ी शामिल नहीं होंगे तो यह संभव ही नहीं है।

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यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट ने आईपीएल मैच फिक्सिंग मामले में आरोपी मो.शकील उर्फ आमिर के खिलाफ पहुंची दिल्ली सरकार की उस याचिका पर की जो आरोपी पर मकोका लगाए जाने के मसले पर हाईकोर्ट की टिप्पणियों के खिलाफ दायर की गई है।

फिक्सिंग मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने अक्तूबर में पुलिस को झटका देते हुए स्पष्ट किया था कि यह मामला मात्र जुआ खेलने व धोखाधड़ी का है और आरोपियों पर मकोका लागू नहीं होता।
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हालांकि आरोपी शकील की अग्रिम जमानत की मांग को खारिज कर दिया था। याद रहे कि मकोका महाराष्ट्र की ओर से संगठित कानून के खिलाफ लागू किया गया अधिनियम है।

यह देश के अन्य राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में लागू नहीं होता। हालांकि सर्वोच्च अदालत में दिल्ली सरकार ने दावा किया है कि मकोका को उसकी ओर से स्वीकार किया गया है और इस संबंध में अधिसूचना भी जारी की जा चुकी है।
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जस्टिस टीएस ठाकुर व जस्टिस विक्रमजीत सेन की पीठ के समक्ष पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धाराओं के अलावा मकोका में मामला दर्ज किया गया है।

मकोका को दिल्ली सरकार की ओर से स्वीकार किया गया है। इस संबंध में शासनादेश भी जारी किया गया है। पुलिस ने यूं ही आरोपियों के खिलाफ मकोका नहीं लगाया है।

हालांकि आरोपी पक्ष की ओर से पेश हुए अधिवक्ता ने लूथरा की इस दलील से असहमति जताई। पीठ ने लूथरा की दलील पर कहा कि यदि इस संबंध में शासनादेश जारी किया गया है तो उसकी प्रति अदालत के समक्ष पेश करें।

जवाब में लूथरा ने कहा कि अगले शुक्रवार तक वह अदालत के समक्ष इस संबंध में दस्तावेज प्रस्तुत कर देंगे। तब पीठ ने सुनवाई की अगली तारीख 15 नवंबर तय कर दी।

इससे पहले पीठ ने लूथरा से पूछा कि क्या आरोपी खिलाड़ी है और जवाब में लूथरा ने कहा कि नहीं यह फिक्सिंग करने वालों में से एक हैं।

तब पीठ ने कहा कि भला फिक्सिंग बिना किसी खिलाड़ी के कैसे हो सकती है। जब कोई खिलाड़ी शामिल होगा तभी फिक्सिंग होना संभव है।

हाईकोर्ट से पहले पटियाला हाउस कोर्ट ने आरोपी मो. शकील उर्फ आमिर को अग्रिम जमानत प्रदान करने से इंकार कर दिया था। उस पर दाऊद इब्राहिम व उसके सिंडीकेट से मिलकर फिक्सिंग करने का आरोप है।


पुलिस का दावा है कि शकील इस मामले में आरोपी बनाए गए चंद्रेश पटेल व जितेंद्र के नियमित संपर्क में रहा है। उसके दाऊद के सिंडीकेट से भी संबंध है।

चंद्रेश व जितेंद्र बुकी अश्वनी अग्रवाल के संपर्क में थे जो दाऊद व छोटा शकील के सिंडीकेट के संपर्क में था। पुलिस ने फिक्सिंग मामले में 30 जुलाई को कुल 39 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था।

आरोपियों में दाऊद इब्राहिम, क्रिकेटर एस. श्रीसंत व अन्य का नाम भी शामिल है।

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