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चंदन तस्कर वीरप्पन पर बनी फिल्म को मिली अनुमति

Thu, 14 Feb 2013 07:50 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Thu, 14 Feb 2013 07:50 PM IST
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supreme court paves way for screening of film on veerappan life

सुप्रीम कोर्ट ने वीरप्पन पर 'वना युद्धम' फिल्म बना रहे निर्माताओं को मूवी की रिलीज को हरी झंडी देते हुए चंदन तस्कर की पत्नी को 25 लाख रुपये देने को कहा है। यह राशि इस मामले में समझौते के तौर पर फिल्म निर्माताओं को अदा करनी है।

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अक्टूबर, 2004 में मारे जा चुके वीरप्पन की पत्नी ने सर्वोच्च अदालत में मद्रास हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। उनकी ओर से फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी। जबकि हाईकोर्ट ने कुछ सीन हटाए जाने के आधार पर फिल्म को अनुमति प्रदान कर दी थी।
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जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने फिल्म निर्माताओं से कहा कि मुथुलक्ष्मी को पच्चीस लाख रुपये दें, जो इस मामले के निपटारे के लिए दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते में तय हुआ है। अदालत ने फिल्म को रिलीज करने की अनुमति प्रदान करते हुए फिल्म निर्माताओं को यह निर्देश दिया।
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याद रहे कि मद्रास हाईकोर्ट ने फिल्म निर्देशक एएमआर रमेश व अक्षया क्रिएशंस की ओर से दायर याचिकाओं को अनुमति प्रदान करते हुए वीरप्पन पर बन रही फिल्म को मंजूरी दी थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि चंदन तस्कर की पत्नी से संबंधित सीन को हटाकर फिल्म को प्रदर्शित किया जाए।

तमिलनाडु स्पेशल टास्क फोर्स ने अक्टूबर, 2004 में हुई मुठभेड़ में वीरप्पन को मार गिराया था। उसके जीवन पर आधारित फिल्म तमिल में वाना उधम और कन्नड़ में अटाक्षा के नाम से बन रही है। याचिका में कहा गया था कि फिल्म बनाने से पहले उनसे नहीं पूछा गया और फिल्म में उनके पति और उनकी छवि को खराब किया जा रहा है।

वीरप्पन की विधवा ने पूर्व साथियों की फांसी का किया विरोध

कुख्यात चंदन तस्कर वीरप्पन की विधवा ने आग्रह किया है कि उसके पति के चार पूर्व साथियों को फांसी नहीं दी जानी चाहिए। लैंडमाइन ब्लास्ट मामले में वीरप्पन के बड़े भाई गनाप्रकाश, सिमोन, ‘मिसाई’ मदाइन और पिलावेंद्रन को सुप्रीम कोर्ट ने 2004 में फांसी की सजा सुनाई थी और अब राष्ट्रपति ने इनकी दया याचिका को ठुकरा दिया है।


वीरप्पन की पत्नी मुथुलक्ष्मी ने कहा, ‘मेरे पति को पहले ही तमिलनाडु पुलिस ने मार दिया है। अब उसके साथ साथियों को भी फांसी दी जा रही है, ऐसा नहीं होना चाहिए।’ 2004 में कर्नाटक के पालार में हुए बम धमाके में 22 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी।

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