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सुप्रीम कोर्ट से सलमान खान को बड़ा झटका

Fri, 05 Sep 2014 08:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 05 Sep 2014 08:34 PM IST
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Supreme Court on salman khan.

सुप्रीम कोर्ट ने काले हिरण के शिकार के मामले में बालीवुड स्टार सलमान खान को दोषी ठहराए जाने के फैसले पर रोक लगाने के लिए राजस्थान हाईकोर्ट की आलोचना की।

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जस्टिस सुधांशु ज्योति मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली पीठ ने बेंच ने टिप्पणी की कि सजा निलंबित करने के लिये आपका मामला अच्छा हो सकता है। लेकिन दोषसिद्धि पर रोक के लिये नहीं। कानून सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए। दोषियों के साथ किसी प्रकार का पक्षपात नहीं होना चाहिए।
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बेंच ने स्पष्ट किया कि दोषसिद्धि पर रोक का मतलब सुनवाई के दौरान साक्ष्यों का फिर से आकलन भी शामिल है। सर्वोच्च अदालत ने सलमान खान की दोषसिद्धि पर रोक लगाने के हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ राजस्थान सरकार की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणियां कीं।
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अदालत ने इस मामले को अंतिम रूप से सुनवाई के लिये 28 अक्टूबर को सूचीबद्ध किया है। सुप्रीम कोर्ट ने सलमान खान के हलफनामे की पृष्ठभूमि में यह टिप्पणी की।

सलमान खान ने 27 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट  में दायर अपने हलफनामे में कहा था कि अदालतों ने हमेशा ही उसे सामान्य नागरिक ही माना है और उसे कभी कोई विशेष सुविधा नहीं दी।

सलमान खान ने काले हिरण के शिकार के मामले में उसकी दोषसिद्धि निलंबित करने के हाईकोर्ट के आदेश को न्यायोचित ठहराते हुये राजस्थान सरकार की अपील खारिज करने का अनुरोध किया था।

खान ने यह भी कहा था कि वह सबसे अधिक कर का भुगतान करने वालों में शामिल हैं और हाईकोर्ट ने उसे पेशेवर कार्यक्रमों में शामिल होने के लिये ही उसकी दोषसिद्धि पर पर रोक लगायी थी।

राजस्थान हाईकोर्ट ने पिछले साल 12 नवंबर को अपने आदेश में काले हिरण के शिकार प्रकरण में सलमान खान की 2006 की दोषसिद्धि पर रोक लगाते हुये उसके ब्रिटेन के वीजा के लिये आवेदन करने का मार्ग प्रशस्त कर दिया था।

सलमान खान को 26-27 सितंबर और 28-29 सितंबर, 1998 की रात में भवाड़ में दो काले हिरण का शिकार करने और मथानिया के घोड़ा फार्म में एक काले हिरण का शिकार करने के अपराध में दोषी ठहराते हुये अलग अलग मामलों में क्रमश: एक साल और पांच साल की सजा सुनायी गयी थी। काला हिरण संरक्षित पशु है और इसका शिकार दंडनीय अपराध है।


गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने नौ जुलाई को हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ राजस्थान सरकार की याचिका पर सलमान खान को नोटिस जारी किया था। राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के पिछले साल 12 नवंबर के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

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