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पुलिस एनकाउंटरों पर SC के अहम निर्देश

Wed, 24 Sep 2014 09:21 AM IST
Updated Wed, 24 Sep 2014 09:21 AM IST
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supreme court on police aencounter.

सुप्रीम कोर्ट देश में जारी फर्जी मुठभेड़ों पर चिंता जताते हुए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

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सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि इन मामलों में पुलिसकर्मियों को तब तक तरक्की और तमगा न मिले, जब तक यह साबित न हो जाए कि मुठभेड़ असली थी।

पुलिसकर्मियों को तब तक पुरस्कृत न किया जाए, जब  तक उनकी बहादुरी पर पुख्ता मुहर न लग जाए। न्यायालय ने कहा है कि एनकाउंटर के सभी मामलों को जरूरी जांच हो।

सर्वोच्च अदालत ने बढ़ते पुलिस एनकाउंटर के मामलों में दिए गए फैसले में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने संविधान के अनुच्छेद 141 के तहत दिशा-निर्देशों को कानून का दर्जा दिया है और सभी राज्यों की पुलिस को इसका पालन करने का आदेश दिया है।
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चीफ जस्टिस आरएम लोढ़ा और जस्टिस आरएफ नरीमन की पीठ ने पुलिस मुठभेड़ में मौत होने पर जांच को अनिवार्य कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने जारी किए दिशा-निर्देश

supreme court on police aencounter.

पीठ ने कहा कि आपराधिक गतिविधियों की सूचना मिलने पर उसे गोपनीय तरीके से दर्ज किया जाए। पुलिस के आला अफसर तकनीकी तरीके से भी खुफिया सूचना दर्ज कर सकते हैं। सूचना इस तरह से दर्ज की जाए कि उसका खुलासा न हो सके और अपराधियों की लोकेशन उजागर न हो पाए।

पुलिस मुठभेड़ में मौत होने पर एफआईआर अनिवार्य रूप से दर्ज की जाए। मुठभेड़ के तुरंत बाद पहले तरक्की और तमगा देने की कवायद को खत्म किया जाए। जब यह साबित हो जाए कि पुलिस ने विवशता में और अपने बचाव में गोली चलाई।

पीठ ने फैसले में कहा है कि सीआरपीसी की धारा 157 के तहत एफआईआर तुरंत अदालत को भेजी जाए। मुठभेड़ की जांच किसी दूसरे थाने की पुलिस या अपराध शाखा से कराई जाए। जांच का जिम्मा मुठभेड़ में शामिल वरिष्ठतम अफसर से एक रैंक उच्चतर स्तर का होना चाहिए।

मुठभेड़ में मारे गए व्यक्ति का रंगीन फोटो लिया जाए और जांच के अन्य सभी जरूरी पहलू पूरे किए जाए। पुलिस फायरिंग से मौत होने पर सीआरपीसी की धारा 176 के तहत मजिस्ट्रेट की ओर से जांच कराई जाए। धारा 190 के तहत जांच रिपोर्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट को सौंपी जाए।

अगर जांच में पुलिस अफसरों का दोषी पाया जाता है तो आरोप पत्र दाखिल किया जाए और ट्रायल जल्द से जल्द पूरा किया जाए। मुठभेड़ में व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसके परिजन को तुरंत सूचित किया जाए।

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