साध्वी प्रज्ञा और कर्नल पुरोहित को सुप्रीम कोर्ट से राहत
मालेगांव बम धमाके में आरोपी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर और कर्नल श्रीकांत पुरोहित को सुप्रीम कोर्ट ने राहत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि साध्वी प्रज्ञा ठाकुर और श्रीकांत पुरोहित के खिलाफ मकोका के तहत दर्ज मामला प्रथम दृष्टया ठोस नहीं दिखता, इसलिए ट्रायल कोर्ट को दोनों की जमानत पर विचार करना चाहिए।
माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद निचली अदालत साध्वी प्रज्ञा ठाकुर और कर्नल श्रीकांत पुरोहित को जमानत दे सकती है। नवंबर, 2008 में महाराष्ट्र के शहर के मालेगांव में हुए बम धमाकों के अरोप में फिलहाल दोनों ही जेल में बंद हैं।
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में दोनों ही आरोपियों में मकोका के तहत लगे आरोपों को खारिज करने की मांग की थी।
मकोका हटाने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने मकोका के तहत लगे आरोपों खारिज करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहाकि चूंकि मामले की जांच चल रही है, इसलिए सबूत सामने आ सकते हैं।
हालांकि फिलहाल निचली अदालत को साध्वी प्रज्ञा ठाकुर और श्रीकांत पुरोहित की जमानत याचिका पर विचार करना चाहिए।
मामले में ही एक अन्य आरोपी राकेश धावड़े को लेकर कोर्ट ने कहा कि उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं, इसलिए उन्हें जमानत नहीं दी जा सकती। पुरोहित फिलहाल मुंबई जेल में बंद हैं।
फैसले पर श्रीकांत पुरोहित की पत्नी अपर्णा पुरोहित कि कोर्ट ने मेर पति की जमानत का रास्ता साफ कर दिया है, लेकिन मुझे राहत तभी मिलेगी जब उन्हें जमानत मिल जाएगी।