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'यूपी सरकार को शर्म आती है कि नहीं'

Thu, 25 Apr 2013 03:35 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Thu, 25 Apr 2013 03:35 PM IST
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supreme court observed that behavior of indian police is like animal

पुलिस की बर्बरता को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने आज एक बार फिर कड़ी टिप्पणी की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि लगता है देशभर की पुलिस का बर्ताव जानवर जैसा हो गया है।

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यूपी के अलीगढ़ में 65 वर्षीय एक महिला को पुलिस द्वारा पीटे जाने की घटना पर संज्ञान लेते हुए न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी की अध्यक्षता वाली पीठ ने यूपी के मुख्य सचिव को घटना पर हलफनामा दायर करने को कहा है।
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पीठ ने यूपी सरकार की ओर से पेश हुए अधिवक्ता गौरव भाटिया से पूछा कि ‘आपकी सरकार को शर्म आती है कि नहीं।’

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गौरतलब है कि अलीगढ़ के बन्नादेवी थाना क्षेत्र से लापता हो गई एक 6 वर्षीय बच्ची से कथित बलात्कार और हत्या के मामले का विरोध कर रहे लोगों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था।

खुद वहां के एसपी सिटी ने डंडे से और एक बुजुर्ग महिला को धक्का देकर गिराया था। मामला गर्म होने पर पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

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पीठ ने राज्य सरकार की निन्दा करते हुए लाल बहादुर शास्त्री के उदाहरण को भी याद किया जब उन्होंने एक रेल दुर्घटना के बाद नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए रेल मंत्री के पद से त्यागपत्र दे दिया था।

वहीं, नई दिल्ली के 'गुड़िया' रेप के विरोध में प्रदर्शन कर रही लड़की को थप्पड़ मारने पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से भी हलफनामा मांगा है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर को हलफनामा दायर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कल तक का वक्त दिया है।

यहीं भी बता दें कि दिल्ली के गांधी नगर में 5 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के खिलाफ विरोध करने पर दिल्ली पुलिस के एक एसीपी ने अस्पताल में एक लड़की पर थप्पड़ों की बरसात कर दी थी।

विवाद खड़ा हो जाने के बाद एसीपी बीएस अहलावत को निलंबित कर दिया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने इन दोनों मामलों का स्वत: संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस आयुक्त और उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किए हैं।

दोनों घटनाओं के सिलसिले में कोर्ट ने कहा कि देश में पुलिसकर्मी रोज-रोज जिस तरह का व्यवहार कर रहे हैं, वैसा व्यवहार तो जानवर भी नहीं करता।

पीठ ने अलीगढ़ की घटना का हवाला देते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं से देश शर्मसार हो रहा है।

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