अबू सलेम की याचिका पर महाराष्ट्र सरकार को नोटिस
अंडरवर्ल्ड सरगना अबू सलेम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा को दरकिनार करने और उसे वापस पूर्तगाल भेजने की गुहार की है। सलेम का कहना है कि उसके साथ जो हो रहा है वह पूर्तगाल के साथ हुई प्रत्यपर्ण संधि के खिलाफ है।
न्यायमूर्ति पिनाकी चंद्र घोष की अध्यक्षता वाली पीठ ने सलेम की याचिका पर महाराष्ट्र सरकार को छह हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।
1995 में बिल्डर प्रदीप जैन की हत्या में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। साथ ही सलेम ने जमानत अर्जी भी दाखिल की है। सलेम एक दशक से अधिक समय से जेल में है। वर्ष 2005 में सलेम का प्रत्यर्पण हुआ था।
पुर्तगाल जाना चाहता है सलेम
सलेम ने अपनी याचिका में यह भी कहा कि उसे वापस पूर्तगाल भेजा जाए। उसका कहना है कि प्रत्यर्पण करार का उल्लंघन करते हुए उस पर ट्रायल चला है। करार के मुताबिक सलेम को फांसी की सजा नहीं दी जा सकती या 25 वर्ष से अधिक जेल में नहीं रखा जा सकता।
सलेम की ओर से पेश वकील इम्तियाज अहमद ने पीठ को बताया कि सलेम को टाडा के तहत दोषी ठहराया गया है, जो प्रत्यर्पण करार के विपरीत है।