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सोहराबुद्दीन मुठभेड़ मामले में अमित शाह को मिली राहत
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Mon, 12 Aug 2013 08:17 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट ने सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड़ मामले में सीबीआई के समक्ष हर दूसरे शनिवार हाजिर होने की शर्त से गुजरात के पूर्व मंत्री व मौजूदा विधायक अमित शाह को राहत प्रदान कर दी है।
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शीर्षस्थ अदालत ने सोमवार को जमानत देते समय रखी गई शर्त में सुधार करते हुए भाजपा महासचिव शाह को इससे छूट प्रदान कर दी।
चीफ जस्टिस पी. सदाशिवम व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की पीठ ने आदेश दिया कि हम इस शर्त में संशोधन कर रहे हैं, जबकि अन्य शर्तें कायम रहेंगी।
पीठ ने जमानत की शर्तों में संशोधन पर गौर करते समय इस तथ्य पर विचार किया कि इस मामले में मुकदमे की सुनवाई मुंबई की अदालत में स्थानांतरित कर दी गई है और सर्वोच्च अदालत के गत वर्ष 27 सितंबर के आदेश के बाद यह मामला सत्र अदालत को सौंपा गया है।
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पीठ ने इस तथ्य का भी संज्ञान लिया कि अमित शाह गुजरात विधानसभा के लिए निर्वाचित हो गए हैं और उन्हें भाजपा का महासचिव भी नियुक्त किया गया है।
उधर, शाह की अर्जी के जवाब में सीबीआई ने सिर्फ इतना कहा कि उसे आशंका है कि एक प्रभावशाली व्यक्ति होने के कारण वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं या उन्हें धमका सकते हैं।
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शाह ने अपने आवेदन में कहा था कि जमानत देते समय हर दूसरे शनिवार को सीबीआई के समक्ष हाजिर होने की लगाई गई शर्त को हटाया जाना चाहिए, क्योंकि अब वह जनता की ओर से चुने गए विधायक हैं।
उन्हें पार्टी व अन्य कार्यों से कई दिनों तक बाहर रहना पड़ता है। ऐसे में इस शर्त के लागू रहते विधायक के पद पर वह समुचित तरीके से कार्य नहीं कर सकेंगे।
सर्वोच्च अदालत ने इससे पहले शाह की जमानत रद्द करने के लिए सीबीआई की ओर से दायर याचिका खारिज कर दी थी। साथ ही मुकदमे की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इसे मुंबई की अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया था।