अखिलेश के ड्रीम प्रोजेक्ट पर अगले महीने फैसला
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सुप्रीम कोर्ट उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट आईटी सिटी के निर्माण के खिलाफ दायर याचिका पर जुलाई के दूसरे सप्ताह में सुनवाई करेगा।
दरअसल अदालत ने बुधवार को होने वाली सुनवाई को इसलिए टाल दी क्योंकि जो पीठ इस मामले की सुनवाई करने वाली थी, उसमें वह न्यायाधीश शामिल थे, जिन्होंने हाईकोर्ट में इस मुद्दे पर आदेश जारी किया था।
केंद्र ने मंगलवार को हाईकोर्ट के आदेश को सही करार देते हुए याचिका को खारिज किए जाने योग्य बताया था। साथ ही कहा था कि याचिकाकर्ता को इस मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) का दरवाजा खटखटाना चाहिए। जस्टिस विक्रमजीत सेन व जस्टिस शिवकीर्ति सिंह की पीठ ने सुनवाई को जुलाई के दूसरे सप्ताह तक के लिए टाल दिया।
सुप्रीम कोर्ट में लगाई गई है याचिका
याचिकाकर्ता एनजीओ के वकील ने बताया कि जस्टिस शिवकीर्ति सिंह ने ही अपने हाईकोर्ट के कार्यकाल के दौरान इस मामले में आदेश जारी किया था। ऐसी स्थिति में वह अपने ही आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई नहीं कर सकते थे। इसलिए सुनवाई को टाल दिया गया।
याद रहे कि यूपी सरकार पहले ही अदालत को सूचित कर चुकी है कि इस जमीन का राज्य सरकार अधिग्रहण नहीं कर रही। भूमि एक सरकारी विभाग से दूसरे विभाग को स्थानांतरित की जा रही है। इसमें आईटी सिटी, कैंसर संस्थान, सुपर स्पेशलिटी सेंटर, डेरी विभाग और प्रशासनिक अकादमी स्थापित की जानी है।
हाईकोर्ट ने एनजीओ की जनहित याचिका का निपटारा कर उसे एनजीटी जाने को कहा था। लेकिन गैर सरकारी संगठन ने शीर्षस्थ अदालत में याचिका दायर की।