याकूब के वकील बोले, 'सुप्रीम कोर्ट ने दुखद गलती की है'
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 1993 में हुए बम धमाकों के दोषी याकूब मेमन को आखिरकार फांसी दे दी गई है। याकूब की फांसी को लेकर बयानबाजी का दौर भी शुरू हो गया है।
याकूब मेमन के वकील आनंद ग्रोवर ने सुप्रीम कोर्ट में याकूब की अंतिम पुनर्विचार याचिका ठुकराए जाने के फैसले पर गुरुवार को कहा कि वह इस निर्णय से काफी निराश और दुखी हैं।
ग्रोवर ने कहा, 'यह सही फैसला नहीं है। मैं इस फैसले से काफी हताश और दुखी हूं। मुझे लगता है कि सुप्रीम कोर्ट ने एक दुखद गलती की है। अगर हम आतंकवाद नहीं चाहते तो हमें कड़े कदम उठाने होंगे'।
पहली बार रात में चली मामले की सुनवाई
1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट्स में याकूब मेमन को बचाने की कोशिश आखिरी घंटे तक होती रही। रात के 2.30 करीब सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की पीठ ने मेमन की दया याचिका पर अपनी सुनवाई शुरु की।
भारत के इतिहास में यह ऐसा पहला मौका रहा जब सर्वोच्च न्यायालय ने किसी मामले की देर रात तक की। मेमन की याचिका पर फैसला सुबह 4.50 मिनट पर आया।
इससे पहले वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण, राजू राम चंद्रन और इंदिरा जय सिंह मुख्य न्यायधीश एच.एल दत्तू से मिलने उनके घर पहुंच से और उनसे मिलने का समय मांगा था।