नाबालिग के गैंगरेप, यूपी-उत्तराखंड सरकार को नोटिस
गाजियाबाद की एक नाबालिग के साथ तीन युवकों द्वारा सामूहिक बलात्कार करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार को नोटिस जारी किया है।
पीड़िता की मां की ओर से दाखिल याचिका में पुलिस संरक्षण और मामले को दिल्ली ट्रांसफर करने की गुहार की गई है। न्यायमूर्ति कूरियन जोसेफ और न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा की पीठ ने साथ ही तीन आरोपियों को भी नोटिस जारी किया है।
याचिका में पुलिस पर जांच सही तरीके से नहीं कराने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित परिवार का कहना है वारदात के बाद से उस पर केस वापस लेने की धमकी मिल रही है। यहीं कारण है कि पीड़ित परिवार गाजियाबाद छोड़कर फिलहाल दिल्ली में रह रहा है।
परिवार को जान का खतरा है, लिहाजा उन्होंने पुलिस सुरक्षा की मांग की है। पीड़िता की मां का कहना है कि अब तक मजिस्ट्रेट के सामने उसकी बेटी के बयान दर्ज नहीं हुए हैं।
आरोपियों को हिरासत में लिया जाए
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है पुलिस तीनों आरोपियों को बचाने में लगी हुई है। याचिका में यह भी गुहार की गई है कि आरोपियों को हिरासत में लिया जाए। मामले के मुताबिक, गाजियाबाद स्थित इंदिरापुरम में रहने वाली नाबालिग लोगों के घरों में काम करती है। गत दो मई को एक आरोपी ने नाबालिग से कहा कि उसकी मां की तबीयत ठीक नहीं है, इसलिए वह घर जाए।
इसके बाद वह उसे इंदिरापुरम ले गया और उसके साथ बलात्कार किया। इसके बाद उस लड़के ने अपने दो अन्य साथियों को वहां बुलाया। नशीला पदार्थ खिलाकर दोनों लड़कों ने भी नाबालिग के साथ बलात्कार किया। इसके बाद आरोपी नाबालिग को लेकर देहरादून ले गए।
लड़की को जब होश आया तो वह देहरादून में सड़क पर थी। आरोप है कि नाबालिग के साथ देहरादून में भी बलात्कार किया गया। लड़की के बयान पर देहरादून में मामला दर्ज किया गया। बाद में इसे इंदिरापुरम थाने में ट्रांसफर कर दिया गया।