किसानों की खुदकुशी पर गंभीर नहीं केंद्र, लगाया जुर्माना
किसानों की खुदकुशी केमामले में हलफनामा दाखिल नहीं करने पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार पर 25 हजार रुपये का जुर्माना किया है। केंद्र से रवैये से नाराज शीर्ष अदालत ने कहा कि ऐसा लगता है कि सरकार इस मामले को लेकर गंभीर नहीं है।
न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली सामाजिक न्याय पीठ ने कहा कि अदालत केनिर्देश के बावजूद केंद्र सरकार ने हलफनामा दाखिल नहीं किया। ऐसा लगता है कि सरकार इस मामले को लेकर गंभीर नहीं है।
पीठ ने केंद्र सरकार को हलफनामा दाखिल करने केलिए चार हफ्ते का वक्त दिया है। पीठ ने कहा कि सरकार स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों में 190 बिन्दुओं को स्वीकार कर चुकी है बावजूद इसके वह इसे लागू नहीं कर रही है।
हलफनामा दाखिल करने को कहा था
पिछली सुनवाई में केंद्र सरकार ने यह दावा किया था कि देश में किसानों की खुदकुशी की घटनाओं में कमी आई है। इस पर पीठ ने कहा था कि हम खुदकुशी की घटनाओं में कमी नहीं चाहते हैं, बल्कि हम चाहते हैं कि ऐसी एक भी घटना न हो।
पीठ ने यह भी कहा था कि राष्ट्रीय किसान नीति पर पुनर्विचार करने की जरूरत है क्योंकि इसमें कुछ तो गड़बड़ है। संभव है कि नीति में गड़बड़ी के कारण ही किसान खुदकुशी कर रहे हैं।
अदालत ने केंद्र सरकार को नीति पर फिर से गौर करने केलिए कहा था और इस संबंध में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था।