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दुर्गा मामलाः अखिलेश सरकार को अदालत से मिली राहत

Tue, 27 Aug 2013 12:02 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Tue, 27 Aug 2013 12:02 AM IST
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supreme court dismisses contempt plea on durga nagpal's suspension

आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल को निलंबित किए जाने के खिलाफ दायर अवमानना याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को खारिज कर दिया।

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याचिका में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की मांग की गई थी।

जस्टिस एचएल दत्तू और जस्टिस सुधांशु ज्योति मुखोपाध्याय की पीठ ने कहा कि ऐसा कोई भी तथ्य सामने नहीं आया है, जिससे यह पता चलता हो कि सरकार ने जानबूझ कर अदालत की अवमानना की है।
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वकील मनोहर लाल शर्मा ने अवमानना याचिका में कहा था कि आईएएस अधिकारी ने गैरकानूनी ढांचे गिराने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ही अमल किया था। ऐसी स्थिति में नागपाल को निलंबित करने की राज्य सरकार की कार्यवाही अदालत की अवमानना है।
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अवमानना याचिका काफी जल्दबाजी में दाखिल की गई है क्योंकि राज्य सरकार ने ही दुर्गा शक्ति नागपाल को दिये गए आरोप पत्र पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। हालांकि बाद में अवमानना का मामला उठाया जा सकता है।

शर्मा ने याचिका में उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव जावेद उस्मानी, कार्यकारी मुख्य सचिव आलोक रंजन और केंद्र सरकार को भी प्रतिवादी बनाया था।

शर्मा ने 2010 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी की बहाली और उनके खिलाफ सारी कार्यवाही निरस्त करने के लिए दायर जनहित याचिका 16 अगस्त को खारिज होने के बाद अवमानना याचिका दायर की थी।

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