फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Supreme court dismissed petition on homosexuality

समलैंगिकता पर SC ने खारिज की याचिका

Tue, 28 Jan 2014 05:06 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 28 Jan 2014 05:06 PM IST
विज्ञापन
Supreme court dismissed petition on homosexuality

उच्चतम न्यायालय ने समलैंगिकता मामले में अपने फैसले की समीक्षा से इन्कार करते हुए केंद्र सरकार और समलैंगिंकों के अधिकारों की लडाई लड रहे कुछ संगठनों की पुनरीक्षण याचिकाएं आज खारिज कर दीं।

विज्ञापन


न्यायमूर्ति एच.एल दत्तू और न्यायमूर्ति एस जे मुखोपाध्याय की खंडपीठ ने सरकार और गैर सरकारी संगठन नाज फाउंडेशन के अलावा जाने-माने लेखक विक्रम सेठ तथा कला और मनोरंजन जगत की कुछ हस्तियों की समीक्षा याचिकाएं यह कहते हुए खारिज कर दी कि उसके फैसले में कोई खामी नजर नहीं आ रही है।
विज्ञापन


सरकार नाज फाउंडेशन और अन्य ने आपसी सहमति से वयस्कों के बीच बनाए गए समलैंगिक संबंधों को आईपीसी की धारा 377 के तहत अपराध की श्रेणी में रखने संबंधी उच्चतम न्यायालय के बीते 11 दिसम्बर के फैसले की समीक्षा का आग्रह किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


सरकार ने दायर की थी याचिका
समलैंगिक संबंधों को अवैध करार देने वाले कानून को सही ठहराने से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार ने पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी। केंद्रीय कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।


सर्वोच्च न्यायालय ने अपने फैसले में समलैंगिकता को गुनाह बताया था। अदालत ने दिल्ली हाई कोर्ट के वर्ष 2009 के फैसले को पलटकर 1861 के इस कानून को वैध करार दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed