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सहारा के खातों पर से हट सकती है रोक

Thu, 17 Apr 2014 11:46 AM IST
Updated Thu, 17 Apr 2014 11:46 AM IST
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supreme court could give relief to supreme court

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह सहारा प्रमुख सुब्रत राय की जमानत के लिए समूह के बैंक खातों पर लगी रोक समाप्त करने और संपत्तियां बेचने की अनुमति दे सकता है। बुधवार को सर्वोच्च अदालत ने इस पर सहारा समूह से विवरण मांगा है।

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जस्टिस केएस राधाकृष्णन और जस्टिस जेएस खेहर की पीठ ने कहा कि हम आदेश पारित करना चाहते हैं। आप (सहारा) हमसे कहें कि आप धन की व्यवस्था करना चाहते हैं। हमें अपनी संपत्तियों और बैंक खातों के बारे में बताइए। आपने अभी तक इसकी जानकारी हमें नहीं दी है।
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सर्वोच्च अदालत ने पिछले साल कंपनियों के सारे बैंक खाते सील करने के साथ ही उसे उसकी मंजूरी के बगैर कोई भी संपत्ति बेचने से रोक दिया था। पीठ ने बुधवार को यह टिप्पणी उस वक्त की जब समूह की ओर से बहस कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन ने यह कहा कि इन शर्तों के तहत उनके लिए धन की व्यवस्था करना मुश्किल है।

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बैंक खातों पर लगी रोक हटेगी

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सहारा समूह के मसले पर दिन भर चली सुनवाई के अंत में वकील ने कहा कि कंपनी बैंक खातों के साथ ही संपत्तियों की पहचान करके न्यायालय को सूचित करेगी और बैंक खातों पर लगी रोक हटाने का अनुरोध करेगी।

उन्होंने कहा कि समूह के मुखिया सुब्रत राय और दो वरिष्ठ अधिकारियों के जेल में होने के कारण धन की व्यवस्था करना मुश्किल हो रहा है। धवन ने कहा कि न्यायालय के आदेश के तहत जेल में बंद लोग कारोबार नहीं कर सकते हैं।

स्थिति को कार्य करने योग्य बनाने के लिए आदेश में बदलाव होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर आप का रुख (न्यायमूर्तियों) कठोर है। निश्चित ही यह बहस के लिए कठिन हो रहा है।

उन्होंने शिकायत की कि राय और दो अन्य ऐसे आदेश के आधार पर जेल में है जो कानूनी नहीं लगता है और शीर्षस्थ अदालत ने अपने अधिकार का अतिक्रमण किया है।

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