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याकूब मेमन की फांसी पर SC की रोक
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Mon, 02 Jun 2014 02:17 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट ने 1993 के मुंबई बम धमाकों में आरोपी याकूब मेमन की फांसी की सजा पर रोक लगा दी है। 22 मार्च, 2013 को सर्वोच्च अदालत ने एक अहम फैसला में याकूब मेमन की फांसी की सजा को बरकरार रखा था।
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सुप्रीम कोर्ट ने एक पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करते हुए याकूब मेनन की सजा पर रोक लगाई। उसे विशेष अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी। उसके साथ ही 10 भगोड़े दोषियों की फांसी की सजा को उम्रकैद में तब्दील कर दिया था।
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इसके बाद याकूब अब्दुल रजाक मेमन ने इस मामले में एक दया याचिका राष्ट्रपति के पास भी भेजी थी। जिसे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने ठुकरा दी थी।
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पुनर्विचार याचिका में सुप्रीम कोर्ट का फैसला
पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट और भगोड़े आतंकी टाइगर मेमन के भाई याकूब मेमन को 1994 में काठमांडू हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया था।
टाडा की विशेष अदालत ने साल 2007 में याकूब को आपराधिक षड्यंत्र रचने और धमाके से जुड़े अन्य आतंकियों के लिए पैसे की व्यवस्था करने का दोषी ठहराते हुए मौत की सजा दी थी। फैसले में याकूब को मुंबई सीरियल धमाके का सरगना करार दिया गया था।
इससे पहले महाराष्ट्र सरकार ने याकूब की याचिका खारिज करने की मांग की थी। बता दें कि साल 1993 में हुए धमाके में 257 लोगों की मौत हो गई थी और 713 अन्य घायल हो गए थे।
टाडा की विशेष अदालत ने साल 2007 में याकूब को आपराधिक षड्यंत्र रचने और धमाके से जुड़े अन्य आतंकियों के लिए पैसे की व्यवस्था करने का दोषी ठहराते हुए मौत की सजा दी थी। फैसले में याकूब को मुंबई सीरियल धमाके का सरगना करार दिया गया था।
इससे पहले महाराष्ट्र सरकार ने याकूब की याचिका खारिज करने की मांग की थी। बता दें कि साल 1993 में हुए धमाके में 257 लोगों की मौत हो गई थी और 713 अन्य घायल हो गए थे।