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'उत्तराखंड में बचाव अभियान तेज करे सरकार'
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Tue, 25 Jun 2013 07:36 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और उत्तराखंड सरकार से मंगलवार को कहा कि प्राकृतिक आपदा में फंसे लोगों को बचाने के लिए अभियान तेज करें।
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वहीं केंद्र, राज्य सरकार ने अदालत में बचाव व राहत कार्य पर कार्रवाई रिपोर्ट दायर की जिसमें कहा गया है कि लोगों को बचाने के लिए सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
बहुगुणा सरकार ने यह भी कहा है कि यदि मौसम ने साथ दिया तो 72 घंटे में सभी यात्रियों को निकाल लिया जाएगा।
जस्टिस एके पटनायक व जस्टिस रंजन गोगोई की पीठ ने कहा कि सरकारों को यचिकाकर्ता की ओर से दिए गए सुझावों पर विचार करना चाहिए।
साथ ही लोगों बचाव और राहत कार्य के लिए गतिविधियों को तेज करें। इसके बाद पीठ ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 28 जून निर्धारित कर दी।
अपनी कार्रवाई रिपोर्ट में केंद्र ने कहा है कि भारतीय वायु सेना ने इस बीच कुल 1189 उड़ानें भरीं जबकि सेना ने 419 उड़ानें भरीं।
रिपोर्ट के मुताबिक 23 जून तक सभी एजेंसियों ने कुल 96,500 लोगों को बचा लिया है। सभी लोगों को उनकी मंजिल तक पहुंचाने के लिए मुफ्त परिवहन की व्यवस्था की जा रही है। हरिद्वार और देहरादून में चार हजार से ज्यादा गाड़ियां भेजी गई हैं।
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केंद्र सरकार ने कहा कि 80 फीसदी संचार सुविधाएं बहाल की जा चुकी हैं और 77 उपग्रह फोन केंद्र कई एजेंसियों को मुहैया कराए गए हैं।
वहीं राज्य ने रिपोर्ट में पीठ को आश्वस्त किया कि यदि मौसम अनुकूल रहा तो सभी फंसे हुए तीर्थयात्रियों को निकालने का काम 72 घंटे के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही मरने वालों की संख्या 560 बताई है।
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राज्य सरकार के मुताबिक आपदा प्रभावित क्षेत्रों में खाद्य समेत आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं है। पानी की पचास हजार बोतलें, बिस्कुट के 50 हजार पैकेट और 45000 खाने के पैकेट उपलब्ध कराए हैं। सरकार ने 62 स्थानों पर आपदा प्रभावित लोगों को राहत के लिए शिविरों की व्यवस्था की है।
राज्य सरकार ने यह भी कहा कि करीब चार लाख क्लोरीन की टैबलेट प्रभावित जिलों में बांटी गई है, अब पांच लाख और टैबलेट दो दिनों में भेजी जाएंगी।
उल्लेखनीय है कि अधिवक्ता अजय बंसल ने जनहित याचिका में सर्वोच्च अदालत से केंद्र व राज्य सरकार को उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को बचाने का निर्देश जारी करने का आग्रह किया।
सर्वोच्च अदालत ने उनकी याचिका पर 20 जून को केंद्र, राज्य सरकार को हजारों की तादाद में फंसे लोगों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करने और उन्हें भोजन, पेयजल मुहैया कराने को कहा था।
इसके अलावा केंद्र को राज्य के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को बचाने के लिए पर्याप्त संख्या में हेलीकॉप्टर तैनात करने का निर्देश दिया था।