'कौन सी फाइल पर हस्ताक्षर करते हैं अखिलेश यादव'
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से यह जानना चाहा है कि मुख्यमंत्री किन सरकारी फाइलों पर नजर डालते हैं और किन फाइलों पर हस्ताक्षर करते हैं।
कोर्ट ने राज्य सरकार को तीन हफ्ते के भीतर यह जानकारी देने को कहा है।सुप्रीम कोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दाखिल इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही है।
एक सामाजिक कार्यकर्ता ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर अपील की थी कि सभी सरकारी फाइलों पर मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर होने चाहिए, न कि अधिकारियों के। हाईकोर्ट ने इस याचिका को बड़ी पीठ के समक्ष भेज दिया था।
प्रदेश सरकार को तीन हफ्ते में जवाब देने का निर्देश
हाईकोर्ट के इस आदेश को उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा रखी है। न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश वकील से पूछा कि किन सरकारी फाइलों पर मुख्यमंत्री हस्ताक्षर करते हैं और किन फाइलों पर सचिव हस्ताक्षर करते हैं।
कोर्ट ने कहा कि हम इस मसले पर गौर करेंगे कि मुख्यमंत्री के लिए सरकारी फाइलों पर गौर करना ही जरूरी है या उस पर हस्ताक्षर करना भी। अगली सुनवाई 23 सितंबर को होगी।