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गरीबों से फीस लेकर केस छोड़ रहे वकील, SC नाराज

Wed, 30 Sep 2015 10:38 AM IST
Updated Wed, 30 Sep 2015 10:38 AM IST
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supreme court advocate

मुवक्किलों से फीस लेकर वकीलों द्वारा खुद को मामले से अलग करने की बढ़ती घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई है। शीर्ष अदालत ने इस कटु सत्य को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह मुवक्किलों खासकर गरीबों के साथ अन्याय है। शीर्ष अदालत ने एक वकील द्वारा खुद को मामले से अलग करने के आवेदन पर गौर करने के बाद यह टिप्पणी की।

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आर्मी वेलफेयर एजूकेशन सोसाइटी द्वारा दाखिल याचिका की सुनवाई के दौरान एक वकील ने खुद को मामले से अलग करने के लिए आवेदन दाखिल किया।

इस बात से नाराज न्यायमूर्ति एमवाई इकबाल और न्यायमूर्ति सी नग्गपन की पीठ ने कहा कि हमने गौर किया है कि कई वकील ऐसे हैं जो मामले की पैरवी के लिए तैयार हो जाते हैं और उसकी फीस ले लेते हैं लेकिन बाद में पैरवी नहीं करते। वह खुद को मामले से अलग कर लेते हैं।
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सुप्रीम कोर्ट में पैरवी के लिए वकील करना मुश्किल काम

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पीठ ने इस प्रचलन पर अफसोस जताते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट में सुदूर इलाकों से मुवक्किल आते हैं। सुप्रीम कोर्ट में पैरवी के लिए वकील करना मुश्किल काम है और वकील मुवक्किलों को होने वाली इस परेशानी से भलीभांति अवगत हैं।

पीठ ने कहा कि सबसे अधिक परेशानी गरीब मुवक्किलों को होती है। पीठ ने वकील को हलफनामे के जरिए यह बताने के लिए कहा कि आखिरकार मामले से खुद को अलग करने के पीछे क्या वजह है।

सुप्रीम कोर्ट पहले भी कह चुका है कि आम आदमी खासकर गरीब लोगों के लिए केस लड़ना टेढ़ी खीर है। शीर्ष अदालत गरीब लोगों के लिए नहीं है। वजह यह है कि वकीलों की फीस उनकी पहुंच के बा हर है।

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