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दागी मंत्रियों पर क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने?

Wed, 27 Aug 2014 03:57 PM IST
Updated Wed, 27 Aug 2014 03:57 PM IST
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Supreme Court gives power to pm to take controversial minister in goverment

दागी नेताओं को मंत्री बनाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अब एक नई बात कही है। दागी नेताओं को मंत्री बनाने के फैंसले को कोर्ट ने अब प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों के विवेक पर छोड दिया है।

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आपराधिक मामलों के अभियुक्त लोगों को मंत्रिमंडल में शामिल करना प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों के विवेक पर निर्भर है। हालांकि, फ़ैसले में संविधान के हवाले से सुझाया गया है कि दाग़ी नेता मंत्रिमंडल में नहीं होने चाहिए।
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इस बारे में एमेकस क्यूरी राकेश द्विवेदी ने कहा, ''मंत्री नियुक्त करने के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों की जो शक्तियां हैं, उसमें कोई स्पष्ट प्रतिबंध पढ़ना संभव नहीं है।''
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गौरतलब है दागी मंत्रियों को लेकर वैसे भी सभी पार्टियों में लंबे समय से एक सी स्थिति बनी हुई है। सभी पार्टियों में कोई न कोई दागी नेता मौजूद है ही। कुछ ऐसे बाहुबली नेता भी हैं जो पार्टी हित में काभी लाभकारी साबित होते रहे हैं।

ऐसे में सभी पार्टियों के लिए दागी नेताओं से पार पाना न तो आसान है और न ही वो इन को पार्टी से हटाना ही चाह रही हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की लटकी तलवार हर पार्टी में खलबली मचाए हुए थी।

सीएम और पीएम को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

Supreme Court gives power to pm to take controversial minister in goverment

एमेकस क्यूरी राकेश द्विवेदी के अनुसार, ''सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि राजनीति का अपराधीकरण लोकतंत्र को नष्ट करता है और संविधान निर्माताओं ने इस मामले में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों को एक बड़ी भारी ज़िम्मेदारी सौंपी है।''

फैंसले में ये भी कहा गया है कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि जिनके ख़िलाफ़ गंभीर आरोप हैं और मुक़दमे चल रहे हैं, उन्हें मंत्री नियुक्त नहीं किया जाए।

याचिकाकर्ता अनिल कुमार झा ने अपनी याचिका में कहा था कि क्या गंभीर आरोपों का सामना कर रहे किसी व्यक्ति को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री बनाया जा सकता है?


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