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नीना पर नस्ली टिप्पणी करने वालों को करारा जवाब

Tue, 17 Sep 2013 05:16 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 17 Sep 2013 05:16 PM IST
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support from all around for miss america neena

अपनी खूबसूरती और अदा से मिस अमेरिका के जजों का दिल जीतने वाली भारतीय मूल की अमेरिकी नीना दावुलूरी पर हुई नस्ली टिप्पणियों ने बड़ा बवाल खड़ा कर दिया है।

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सोमवार को ब्यूटी पेजेंट जीतने के बाद जहां एक तरफ नीना के लिए बधाइयों का तांता लगा था, वहीं अमेरिका में कुछ लोगों ने उन पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रंग में भंग डाल दिया था।
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जैसे ही उन्हें मिस अमेरिका घोषित किया गया, ट्विटर पर उनके खिलाफ कई नस्ली टिप्पणियां की गईं। ट्विटर पर कई यूजर्स इस बात से नाराज हैं कि मिस अमेरिका का खिताब किसी अमेरिकी मूल को नहीं दिया गया।
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मंगलवार को इस पर नस्लवाद का विरोध करने वाले लोगों ने नस्ली टिप्पणी करने वाले लोगों पर पलटवार करने के लिए भी ट्विटर को ही हथियार चुना।

'कई अमेरिकी बेवकूफ हैं'
बांग्लादेश की दिग्गज लेखिका तस्लीमा नसरीन ने ट्विटर पर लिखा, "कुछ अमेरिकी स्मार्ट हैं। लेकिन कई बेवकूफ हैं। वे अरब और भारतीयों के बीच अंतर नहीं जानते। नस्लवाद फैलाने वाले लोग बेवकूफ होते हैं।"

देश की जानी-मानी गायिका सोना महापात्रा ने सोशल नेटवर्किंग साइट पर लिखा है, "क्या मिस अमेरिका नीना दावुलूरी की खबर अखबारों में पहले पन्ने पर आनी चाहिए? और वैसे भी हम कौन होते हैं दूसरों को नस्लवादी कहने वाले?"

ट्विटर पर राजेश का कहना है, "वह अरब नहीं है बेवकूफ अमेरिकियों, बल्कि मद्रासी है।" कई ऐसे लोग हैं, जो नीना को बधाई देने के साथ-साथ उन लोगों पर पलटवार कर रहे हैं, जिन्होंने उनके लिए नस्लभेदी टिप्पणियां कीं।

ऐसे ही लोगों में से एक अश्विन ने लिखा है, "नीना दावुलूरी आपने धमाका कर दिया है। आप छा गए। जो रंग और नस्ल के हिसाब से आपको आंकते हैं वे मूर्ख हैं।"

विवेक देसाई ने लिखा है, "मुझे नीना पर अमेरिकी नागरिकों की तरफ से इस तरह की सस्ती प्रतिक्रिया की उम्मीद नहीं थी।"

ट्विटर पर सक्रिय एक व्यक्ति ने नरेंद्र मोदी और नीना को जोड़ते हुए लिखा है, "मेरे प्रिय 65 सांसदों, आप लोग नमो को वीजा न देने को लेकर काफी सक्रियता दिखा रहे थे। क्या आप सभी नीना के लिए भी ऐसी एकता का परिचय देंगे?"

नीना दावुलूरी ये प्रतियोगिता जीतने वाली भारतीय मूल की पहली अमेरिकी महिला है।

मिस अमेरिका नहीं देतीं तवज्जो
हालांकि मिस अमेरिका नीना दावुलूरी ने नकारात्मक प्रतिक्रियाओं का जवाब देते हुए कहा, “मुझे इन सब बातों से ऊपर उठकर देखना है। हर चीज से ऊपर मैंने हमेशा खुद को एक अमेरिकी माना है।”

नस्लभेदी टिप्पणियों के खिलाफ और नीना के समर्थन में भी कई यूजर्स ने ट्विटर पर लिखा। एक यूजर ने लिखा, “नस्ल भेद करने वाले लोगों से भरा हुआ है अमेरिका। ऐसा ही है ये देश।”


एक अन्य ने लिखा, “ये दुनिया कितनी अज्ञानता में जीती है। भारतीय हो या नहीं, उन्हें मिस अमेरिका बनने का पूरा अधिकार है। यही सब कारण हैं कि मैं अमेरिका छोड़ना चाहता हूं।”

नीना दावुलूरी दूसरी 'मिस न्यूयॉर्क' हैं जिन्होंने 'मिस अमेरिका' का खिताब जीता। अमेरिका के साइराक्यूज में रहने वालीं नीना डॉक्टर बनना चाहती हैं।

इस खिताब के साथ उन्हें 50,000 अमेरिकी डॉलर की स्कॉलरशिप मिली है, जिसे वो अपनी पढ़ाई पर खर्च करेंगी।

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