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अंधविश्वास: मानसिक रूप से बीमार युवक को घंटों पेड़ से बांधा

Tue, 15 Sep 2015 08:20 AM IST
Updated Tue, 15 Sep 2015 08:20 AM IST
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superstitious people has given punishment to mentally ill man

मानसिक रूप से बीमार युवक को ग्रामीणों ने घंटों पेड़ से बांधे रखा। अस्पताल ले जाने के बजाए घंटों झाड़फूंक का ड्रामा चला। युवक का बीस दिन पहले झोलाछाप ने ऑपरेशन किया था। उसी की दवा खा रहा था। घर में अकेले कमाऊ बेटे की यह हालत देखकर मां बेसुध हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस बमुश्किल युवक को सीएचसी ला पाई।

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चिकित्सकों ने मानसिक रोग की आशंका जताई है। कुछ ग्रामीणों ने गलत उपचार से मानसिक रोग होने की आशंका जताई तो कुछ अंधविश्वासी ऊपरी चक्कर होने की बात कह रहे थे।
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सलेमपुर निवासी पप्पू सैनी पुत्र धर्मपाल सिंह की रविवार की रात अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसकी हरकत को देखकर परिजन परेशान हो गए। उसके चाचा चंद्रपाल ने समझाया तो उसने उनके अंगूठे में काट लिया।
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पप्पू के पिता की मृत्यु हो गई

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इसके बाद ग्रामीणों ने रस्सी से युवक को पेड़ से बांध दिया। बताते हैं कि तीन साल पहले पप्पू के पिता की मृत्यु हो गई थी। बेटे की हालत देख मां गीता देवी बेसुध हो गई। कुछ लोगों ने ओझा को बुला लिया। घंटों झाड़फूंक का ड्रामा चला।

भीड़ तमाशबीन बनी रही। बेचारा पप्पू पेड़ से बंधा यातनाएं झेलता रहा। सूचना के घंटों बाद सुबह पहुंची पुलिस बमुश्किल पप्पू को सीएचसी लाई। चिकित्साधीक्षक डॉ. मृणाल राठी ने युवक को मानसिक रोग से पीड़ित बताया।

पप्पू की मां ने बताया कि 20 दिन पहले गांव के बंगाली डाक्टर से उसके बेटे का पाइल्स का ऑपरेशन कराया था और वह उसकी ही दवा खा रहा था। प्राथमिक उपचार के बाद परिजन व गांव वाले उसे बिजनौर के गौहावर स्थित प्राईवेट मानसिक रोग चिकित्सालय ले गए।

किसी को गलत दवा आज तक नहीं दी

superstitious people has given punishment to mentally ill man

तीन दिन पहले भी पप्पू की हालत ऐसे ही बिगड़ी थी। लेकिन तब असर कम था। रविवार की रात असर तेज था। पप्पू घर में अकेला कमाने वाला है। मां गीता, आठ साल का भाई विजय और सात साल की बहन कविता उसी पर आश्रित हैं।

पिछले दिनों पप्पू पंजाब में मजदूरी पर कृषि कार्य करने के लिए गया था। परिवार की आर्थिक स्थित खराब है। मां परेशान है कि वह बेटे का महंगा इलाज कैसे करा पाएगी।

डॉ. मृणाल राठी, चिकित्साधीक्षक कांठ, युवक मानसिक रोग से पीड़ित है। अब उसे अचानक यह रोग कैसे हुआ यह तो लंबी जांच के बाद ही पता लगेगा।

दीपक बंगाली, पप्पू का इलाज करने वाला झोलाछाप है। उसका कहना है कि भले ही मुझ पर डिग्री नहीं है मगर मैंने किसी को गलत दवा आज तक नहीं दी है। ऑपरेशन मैंने ही कराया है, जो दवा दी हैं उनकी कोई भी जांच कर लें वह दवाएं नुकसान कर ही नहीं सकती।

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