लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने नहीं खोले अपने पत्ते
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लोकसभा में विपक्ष के नेता को लेकर नई स्पीकर सुमित्रा महाजन ने अपने पत्ते नहीं खोलकर कांग्रेस की दुविधा बढ़ा दी है। लोकसभा में जरूरी संख्या बल नहीं होने के बावजूद कांग्रेस प्रमुख विपक्षी दल बनने की आस लगाए हुए है।
स्पीकर ने कहा है कि अभी इस मुद्दे पर फैसला नहीं किया गया है। दरअसल, लोकसभा में जरूरी संख्या बल नहीं होने से अभी यह तय नहीं हो पाया है कि विपक्ष के नेता का पद कांग्रेस को मिलेगा अथवा नहीं।
यह फैसला स्पीकर को करना है, लेकिन शुक्रवार को महाजन ने इस बारे में कोई संकेत नहीं दिया।
संसद की कार्यवाही को मिले तवज्जों
पदभार संभालने के बाद मीडिया से रूबरू हुईं स्पीकर महाजन ने कहा कि संसद में छोटे दलों की संख्या काफी है। ऐसे में सदन की कार्यवाही सुचारु तौर पर चलाने के लिए आपसी तालमेल व सामंजस्य बढ़ाना होगा।
उन्होंने कहा कि वह स्पीकर चुने जाने से आनंदित तो हैं, लेकिन इससे ज्यादा जिम्मेदारी का अहसास हो रहा है। सभी दलों के बीच सामंजस्य बनाने को अपनी प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि वह एक मां की तरह प्यार और डांट दोनों से काम लेंगी।
16वीं लोकसभा की सबसे अनुभवी सांसद और नई स्पीकर महाजन ने मीडिया को सलाह देते हुए कहा कि यदि बेहतर काम करने वालों को ज्यादा प्रचार मिलने लगे तो सदन में हंगामा करने वाले खुद ही हतोत्साहित होने लगेंगे।
उन्होंने कहा कि मीडिया संसद और जनता के बीच की कड़ी है। मीडिया में संसद की कार्यवाही के लिए जगह घटने पर चिंता जताते हुए स्पीकर ने कहा कि समाचार पत्रों में कभी इसके लिए पूरा पेज होता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है।