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63 साल की उम्र में इंटर के परीक्षार्थी बने सुमेर
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद
Updated Wed, 25 Feb 2015 10:18 AM IST
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पढ़ने लिखने की कोई उम्र नहीं होती। इस बात को साबित करते हैं हनुमान नगर के रहने वाले सुमेर सिंह कश्यप। 63 साल की उम्र में इंटरमीडिएट का एग्जाम दे रहे हैं। जिससे लोगों को पढ़ाई के प्रति प्रेरित कर सकें। रिटायरमेंट के बाद सामाजसेवा के माध्यम से सामाजिक सरोकार भी निभा रहे हैं।
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सुमेर सिंह कश्यप बच्चे खिलाने की उम्र में वे हाथों में किताब थाम रहे हैं। इस उम्र में वे बच्चों को स्कूल छोड़ने जाने के साथ ही उनके साथ पढ़ाई करते हैं। सुमेर सिंह आठवीं पास करने के बाद भारतीय सेना में भर्ती हुए थे।
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सेना से रिटायरमेंट के बाद पंजाब नेशनल बैंक में सिक्योरिटी सर्विस ज्वाइन कर लिया। लगातार नौकरी के चलते उन्हें पढ़ाई का मौका नहीं मिल पाया। सुमेर सिंह बताते हैं कि पंजाब नेशनल बैंक से 2012 में रिटायर हुए थे। लेकिन रिटायरमेंट से पहले उन्होंने हाईस्कूल किया।
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इस साल कामर्स से इंटरमीडिएट कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सैनिक कभी रिटायर नहीं होता। घर पर खाली बैठने के बजाय पढ़ाई शुरू की। इसके साथ ही एक जवान किसान जनमानस सेवा ट्रस्ट बनाकर समाज सेवा का काम शुरू कर दिया। लगा कि इसके माध्यम से पढ़ाई के प्रति जागरूकता भी लाई जा सकती है।
लोगों के सामने उदाहरण पेश करने के लिए भी परीक्षा दे रहे हैं। शिक्षा में ही देश का भविष्य छिपा है। पेपर देने जाने से पहले अभी विद्यार्थियों की तरह तैयारी करता हूं। अभी तक सभी एग्जाम अच्छे गए हैं।