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जहां कभी मोटरकार नहीं पहुंची वहां से गुजरेगी रेल
नई दिल्ली/बृजेश सिंह
Updated Mon, 15 Jul 2013 12:07 AM IST
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आज से कुछ माह पहले जम्मू-कश्मीर के सुम्बट क्षेत्र के तमाम ग्रामीण ऐसे थे, जिन्होंने जिंदगी में अपने आस पास मोटरकार तक नहीं देखी थी किंतु अब इसी इलाके में रेल लाइन बिछाने का काम चल रहा है।
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यहां के लोगों को मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए तीन दिन पैदल चलना पड़ता था, लेकिन अब रेल लाइन बिछाने वाली कंपनी इरकान ने न केवल मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए 60 किमी लंबी सड़क तैयार कर दी है बल्कि ग्रामीणों के लिए मुफ्त शटल गाड़ियों की भी व्यवस्था की है।
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सुम्बट में सुरंग का निर्माण कश्मीर को रेल के जरिये शेष भारत से जोड़ने की महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय योजना का ही हिस्सा है। बनिहाल-काजीगुंड सेक्शन में बनी 11.2 किमी लंबी सुरंग का निर्माण भी इसी कंपनी ने किया है।
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सुम्बट में प्रस्तावित सुरंग (टी-49) बनिहाल से भी ज्यादा लंबी 12.85 किमी होगी। इरकान ने अब सुरंग बनाने के साथ ही सुम्बट इलाके के लोगों के लिए रामबन तक शटल वाहन सेवा भी निशुल्क शुरू की है। कंपनी स्थानीय लोगों का ज्यादा से ज्यादा सहयोग पाने के लिए इस तरह के कई अन्य काम भी कर रही है।
इस महत्वाकांक्षी रेल परियोजना को देख रहे इरकान के महाप्रबंधक डीपी चौधरी ने बताया कि कंपनी को कटरा से काजीगुंड सेक्शन में कुल 93 किमी रेल लाइन बनाने का जिम्मा सौंपा गया है।
इसमें से बनिहाल से काजीगुंड के बीच 17.68 किमी काम पूरा हो चुका है। अब बनिहाल से धडंग के बीच रेल लाइन बिछाने का काम चल रहा है।
पूरे प्रोजेक्ट का यही सबसे चुनौतीपूर्ण सेक्शन है। यहां जिन इलाकों में रेल लाइन बिछाने के लिए काम करना है, वहां ज्यादातर स्थानों पर न तो सड़के हैं और नही ही बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कोई अन्य साधन।
चौधरी ने कहा हम दुनिया की आधुनिकतम तकनीक से हिमालय के इस अतिसंवेदनशील पहाड़ों में सुरंग बनाने का काम कर रहे हैं। यहां सामान्य टनेल बोरिंग मशीनों का उपयोग किया जाना संभव नहीं है, इसलिए हम आस्ट्रियन तकनीक से काम कर रहे हैं।