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आकाश पर होगा सुखोई का राज

Sun, 11 Nov 2012 09:54 PM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
नई दिल्ली/एजेंसी Updated Sun, 11 Nov 2012 09:54 PM IST
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sukhoi fighter planes will be deployed near border with Pak and China

भारतीय वायु सेना पाकिस्तान और चीन से लगी सीमा के अलावा दक्षिण में हिंद महासागर के ऊपर के आकाश पर पूरा वर्चस्व बनाएगी।

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इसी रणनीति के तहत उसने अपने जांबाज लड़ाकू विमान सुखोई 30 एमकेआई की इन जगहों पर व्यापक तैनाती की योजना तैयार की है। इसके तहत गुजरात से लेकर पश्चिम बंगाल तक और हरियाणा से लेकर तमिलनाडु तक के वायु सैनिक अड्डों की पहचान कर ली गई है।

उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार गुजरात में भुज, हरियाणा में सिरसा, पश्चिम बंगाल में कलैकुंडा और तमिलनाडु में तंजावूर के वायु सैनिक अड्डों पर सुखोई तैनात किए जाएंगे। यह तैनाती 2013 से लेकर 2015 तक चलती रहेगी।
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पिछले एक अर्से में वायु सेना चीन से लगी सीमा की चौकसी के लिए तेजपुर और छाबुआ में सुखोई तैनात कर चुकी है, जबकि पाकिस्तान से लगी सीमा पर दुश्मन के अमेरिकी विमान एफ16 तथा चीन में बने जेएफ17 से मुकाबले के लिए जोधपुर, भटिंडा और हलवारा में अग्रिम पंक्ति के ये लड़ाकू विमान तैनात किए गए हैं।
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सूत्रों ने बताया कि भुज और सिरसा में सुखोई की तैनाती अगले दो महीने में हो जाएगी और इसके बाद तंजावूर में इन लड़ाकू विमानों का स्क्वॉड्रन गठित किया जाएगा। तेजपुर और छाबुआ के अड्डों को पीछे से समर्थन देने के लिए हाशिमारा और कलैकुंडा में सुखोई के स्क्वॉड्रन तैयार रहेंगे जबकि तंजावूर में तैनात सुखोई हिंद महासागर के आकाश को अभेद्य बनाएंगे।

वायु सेना रूस से कुल मिलाकर 230 सुखोई विमान खरीदने वाली है। इनमें से 42 विमानों का सौदा दिसंबर में रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन की यात्रा के दौरान होने की संभावना है। कुल विमानों में से 140 का निर्माण लाइसेंस के तहत हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड में ही होना है।


सुखोई विमानों की तैनाती को दस साल पूरे हो चुके हैं। पहले सुखोई विमान की तैनाती पुणे के पास लोहेगांव में 2002 में हुई थी। इसके बाद बरेली में सुखोई के स्क्वॉड्रन गठित किए गए। अंडमान निकोबार में भी इन विमानों की तैनाती की योजना है।

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