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सुखदेव सिंह नामधारी भाजपा से निष्कासित

Tue, 27 Nov 2012 12:52 AM IST
देहरादून/ब्यूरो
देहरादून/ब्यूरो Updated Tue, 27 Nov 2012 12:52 AM IST
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sukhdev singh namdhari expelled from bjp

चड्ढा बंधु हत्याकांड में फंसे उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष सुखदेव सिंह नामधारी को भाजपा ने पार्टी से निष्कासित कर दिया है। सोमवार को भाजपा के प्रदेश महामंत्री सुरेश जोशी ने पार्टी के फैसले की जानकारी दी। बताया कि चड्ढा बंधु हत्याकांड में आरोपी बनाए जाने के मद्देनजर प्रदेश नेतृत्व ने नामधारी की पार्टी की प्राथमिक सदस्यता समाप्त कर दी है।

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सूत्रों के मुताबिक नामधारी को पार्टी से निकालने को लेकर ऊधमसिंह नगर भाजपा संगठन और विधायकों का भारी दबाव था। इस मामले में निर्णय लेने में देरी को लेकर पार्टी का एक खेमा नाराज भी बताया जाता है। दरअसल, पार्टी नेता मसले को कई दिनों तक यह कहकर टालते रहे कि अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष बनने के बाद नामधारी की पार्टी की प्राथमिक सदस्यता स्वत: खत्म हो गई थी। निर्णय से पहले दोपहर तक भाजपा नेता यही तर्क देते रहे।
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नामधारी के ‘झूठ’ से गहराए कई राज
पोंटी और हरदीप हत्याकांड का ‘चश्मदीद’ और ‘साजिशकर्ता’ नामधारी ने झूठ क्यों बोला? पोंटी से नजदीकी साबित करने के लिए वह मुकदमे का वादी तो बना लेकिन हकीकत बयां नहीं की। पुलिस की जांच में पहला खुलासा यही हुआ कि नामधारी के पीएसओ सचिन त्यागी ने हरदीप की हत्या की। नामधारी की मौजूदगी साबित होने के बाद भी वह पुलिस से बचता रहा। दबाव पड़ने पर वह हाजिर हुआ। नामधारी के इसी ‘संदिग्ध चेहरे’ ने पुलिस को आगे की तफ्तीश के लिए आगे बढ़ाया है। पोंटी की हत्या में नामधारी की भूमिका की अब जांच हो रही है।
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नामधारी को लेकर इसी क्रम में पहले रामपुर और फिर मुरादाबाद टीमें पहुंचीं। नामधारी और पोंटी में कोई रंजिश तो नहीं थी और थी तो किस स्तर तक पुलिस की जांच का यह मुख्य बिंदु है।  हरदीप पर गोली चलाने के मामले में तो नामधारी को दोषी पुलिस ने करार दे दिया है लेकिन अब सवाल पोंटी चड्ढा का है? हरदीप ने पोंटी को मारा यह खुलासा पुलिस को भी गले नहीं उतर रही। पोंटी की मौत से नामधारी को फायदा या कुछ अघोषित संपत्तियों पर नामधारी का कब्जा तो नहीं? इन बिंदुओं पर तफ्तीश की जा रही है।

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