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पोंटी चड्ढा हत्या का चश्मदीद नामधारी गिरफ्तार
नई दिल्ली/बाजपुर/ब्यूरो
Updated Sat, 24 Nov 2012 12:47 AM IST
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पोंटी चड्ढा हत्याकांड में संदेह के घेरे में आए उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष सुखदेव सिंह नामधारी को दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। नामधारी की गिरफ्तारी उत्तराखंड के उधमपुर के बाजपुर स्थित उनके फार्महाउस से हुई। उन पर चड्ढा बंधुओं के डीएलएफ फार्महाउस नंबर-42 में जबरन घुसने, कब्जा करवाने और रॉबरी के आरोप लगाए गए हैं। चड्ढा बंधु हत्याकांड के संबंध में यह आठवीं गिरफ्तारी है।
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नामधारी हत्याकांड के दौरान पोंटी चड्ढा के साथ फार्महाउस पर ही मौजूद थे। दिल्ली पुलिस अधिकारियों ने खुलासा किया है कि एक रणनीति के तहत नामधारी को शुरुआत में गिरफ्तार नहीं किया गया था। पुलिस की शुरुआती जांच में ही नामधारी का नाम सामने आ गया था, लेकिन पुलिस उनके खिलाफ सबूत जुटाना चाहती थी। पर्याप्त सबूत मिलने के बाद ही गिरफ्तारी की गई।
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दक्षिण जिला डीसीपी छाया शर्मा ने बताया कि स्पेशल स्टाफ इंस्पेक्टर ऐशवीर की अगुवाई में एक टीम बृहस्पतिवार को उत्तराखंड रवाना हुई थी। शुक्रवार सुबह साढ़े ग्यारह बजे टीम नामधारी के गांव ताली फार्म स्थित आवास पहुंची और नामधारी को गिरफ्तार कर उन्हीं की गाड़ी में दिल्ली ले आया गया। डीसीपी ने बताया कि पोंटी द्वारा फार्महाउस नंबर-42 पर कब्जा करने के लिए भेजे गए लोगों में नामधारी के लोग भी शामिल थे।
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चड्ढा बंधु हत्याकांड में नामधारी संदेह के घेरे में हैं। उनसे पूछताछ की जाएगी कि वे पोंटी से मिलने क्यों आए थे, उन्होंने अपने लोग कब्जा करने क्यों भेजे थे, हरदीप ने उन पर गोली चलाई थी या नहीं, मामला दर्ज कराने के बाद वे गायब क्यों हो गए। नामधारी के पीएसओ सचिन त्यागी से भी पूछताछ की जाएगी। नामधारी पुलिस के संपर्क में थे या नहीं, मीडिया के इस सवाल का जवाब देने से डीसीपी बचती रहीं। हालांकि उन्होंने अनौपचारिक रूप से स्वीकार किया कि नामधारी से पुलिस ने संपर्क किया था और संदेश भिजवाया था, लेकिन उनसे फोन पर संपर्क नहीं हो पाया था।
अब नामधारी का ‘मामा’ फरार
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फार्महाउस पर कब्जा करने के दौरान नामधारी के लोगों का नेतृत्व मामा नाम का एक व्यक्ति कर रहा था। यह व्यक्ति नामधारी का सगा मामा बाज सिंह बताया जा रहा है। एक टीम इसे पकड़ने रामपुर के विलासपुर पहुंची थी, लेकिन कुछ मिनट पहले ही वह फरार हो गया।