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मानो या न मानो, इस साल तो संभाले नहीं संभलेगी चीनी

Wed, 05 Aug 2015 02:11 AM IST
Updated Wed, 05 Aug 2015 02:11 AM IST
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sugar production will increase this year

इस साल प्रदेश की मिलें चीनी को संभाल नहीं पाएंगी। मिलों के गोदाम पिछले सत्र की ही 43 लाख टन चीनी से भरे पड़े हैं। अब अक्टूबर से नया सत्र शुरू हो जाएगा। इस बार गन्ना बेल्ट में अगैती किस्म का रकबा दस से पंद्रह फीसदी तक बढ़ा है, लिहाजा चीनी का रिकार्ड उत्पादन तय माना जा रहा है।

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इस साल प्रदेश में 21.32 लाख हेक्टेयर में गन्ने की फसल थी। इनमें अगैती का रकबा 4.55 लाख हेक्टेयर था। पेराई सीजन 2015-16 के लिए कराए सर्वे के अनुसार अगैती का रकबा दस से पंद्रह फीसदी तक बढ़ा है।
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गन्ना बेल्ट मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर, मेरठ, बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बुलंदशहर, गाजियाबाद, बरेली, अलीगढ़, लखनऊ और गोरखपुर में अगैती प्रजाति की किस्म सीओ-238 व सीओ-239 में इजाफा हुआ है। इन दोनों ही किस्मों में रिकवरी जबरदस्त है।
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एक कुंतल गन्ने में 11 किलो तक चीनी आती है। जानकारों का कहना है कि इन किस्मों से पैदावार में भी दस फीसदी तक की वृद्धि हो रही है। वैसे भी अगैती गन्ने की खरीद चीनी मिलें बड़े चाव से करती हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह रिकवरी का बढ़ना ही होता है।

अगैती गन्ने की ये किस्में बढ़ीं

sugar production will increase this year

सीओ-238
सीओ-239
88230
8436
98231

रिजेक्ट वैरायटी कम हुईं

उत्तर प्रदेश में रिजेक्ट वैरायटी का रकबा काफी था। 92423 और 91269 वैरायटी की हर जिले में बुआई हुई है। इन दोनों ही वैरायटी को चीनी मिल लेने से बचती हैं। हर साल इन दोनों किस्मों को लेकर शुगर लाबी हल्ला मचाती है मगर इस बार यह दोनों ही किस्में कम हुईं हैं। इन दोनों वैरायटी में चीनी की रिकवरी भी बहुत कम आती है।

चीनी का उत्पादन बढ़ेगा

अगैती गन्ने का रकबा बढ़ा है। प्रदेश के कुछ जनपदों को छोड़ दिया जाए तो कहीं क्षेत्रफल में भी बहुत कमी नहीं आई है। माना जा रहा है कि इस साल चीनी का उत्पादन पिछले साल के मुकाबले अधिक होगा।

- वीके शुक्ल, अपर आयुक्त, गन्ना

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