{"_id":"289f87eccdb6bf84ebfe859e4f98f9e2","slug":"success-story-of-sanjog-sharma-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेक्स वर्कर्स के बच्चों को शिक्षा देना वाकई चुनौती भरा काम है","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
सेक्स वर्कर्स के बच्चों को शिक्षा देना वाकई चुनौती भरा काम है
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 15 Dec 2015 09:03 PM IST
विज्ञापन
जिस गली से गुजरने में लोग 50 बार सोचते हैं, उस अंधियारी गली को रोशन करने का जिम्मा उठाया हैं संजोग। मेरठ के ब्रह्मपुरी इलाके में रहने वाली संजोग शर्मा संकल्प संस्था के संकल्प को पूरा करने के लिए पिछले 12 साल से रेड लाइट एरिया में जाकर सेक्स वर्कर्स के बच्चों शिक्षित बना रही हैं।
विज्ञापन
संजोग कहती हैं कि बच्चे भगवान का रूप होते हैं और सभी बच्चे एक जैसे होते हैं। समाज को बच्चों के साथ भेदभाव नहीं करना चाहिए। सेक्स वर्कर्स के बच्चों का कोई कसूर नहीं है। अगर शिक्षा और मार्गदर्शन के अभाव में यह बच्चे गलत रास्ते पर चले गए तो समाज और देश का विकास थम जाएगा। हो सकता है देश का भविष्य भी खतरे में पड़ जाएगा।
विज्ञापन
राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना के साथ बाल श्रमिक स्कूलों में जाकर संकल्प संस्था बच्चों को ज्ञान का पाठ पढ़ाती है। यहां सेक्स वर्कर्स के बच्चों के अलावा गरीब बच्चों को निशुल्क शिक्षा दी जाती है। शिक्षा के साथ-साथ इन बच्चों को संस्कार देने का काम भी संस्था करती है।
विज्ञापन
संजोग बताती हैं कि शुरू में संस्था की टीम रेड लाइट एरिया में बच्चों को पढ़ाने जाया करती थी। उस समय सेक्स वर्कर्स अपने बच्चों को बस्ती से बाहर भेजने में संकोच करती थीं। लेकिन जब हम उनके बीच जाते और उनके बच्चों को पढ़ाने तो अब उनके मन का संकोच भी खत्म हो गया है।
अब सेक्स वर्कर्स बाल श्रमिक स्कूल में अपने बच्चों को भेजने लगी हैं। संजोग कहती हैं कि हमारी मुहिम काम कर रही है। आज रेड लाइट एरिया में रह रही सेक्स वर्कर्स के बच्चे अच्छी नौकरियों में हैं। एक सेक्स वर्कर का बेटा तो आईएएस है। बच्चों की ऊंची उड़ान देखकर हौसला लगातार बढ़ता जा रहा है। सेक्स वर्कर्स के अलावा शहर के सामाजिक लोग संस्था की मदद को आगे आ रहे हैं। हमारा प्रयास है कि हर बच्चा शिक्षित हो।