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कोशिश है एक डर को हमेशा के लिए मिटाने की

Tue, 15 Dec 2015 08:58 PM IST
Updated Tue, 15 Dec 2015 08:58 PM IST
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 success story of nilesh kumari
उरई की नीलेश कुमारी हर उस महिला के लिए मसीहा हैं जो अत्याचार का का शिकार है। जानिए उनके संघर्ष की पूरी कहानी।
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जो लोग कर्तव्य से हटकर समाज के लिए कुछ करते हैं, वही उदाहरण बनते हैं। ऐसा ही एक उदाहरण हैं नीलेश कुमारी। उरई में जब महिलाएं परेशान होती हैं, उन पर कोई अत्याचार होता है या शोषण की कोई भी समस्या होती है, तो सबसे पहले हर महिला को नीलेश कुमारी की ही याद आती है।

नीलेश उत्तर प्रदेश पुलिस सेवा में कार्यरत हैं और वर्तमान में उरई महिला थाने की थानाध्यक्ष हैं। महिलाओं के सम्मान और हितों की रक्षा करना उनका कर्तव्य है। अपनी सर्विस से अलग नीलेश समाज की अनाथ बेटियों को आश्रय देने, सुरक्षा देने और शिक्षा की व्यवस्था करने का भी काम करती हैं। उरई में बढ़ती छेड़खानी की घटनाओं के बाद नए-नए प्रयोग कर नीलेश ने पूरे प्रदेश में एक उदाहरण पेश किया है।  
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मनोविज्ञान और दर्शनशास्त्र से एमए नीलेश कुमारी बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और अनाथ बच्चों के लिए काम करती हैं। अनाथ बेटियों को आसरा दिलाने की यह कहानी उनकी सर्विस लगने के बाद शुरू हुई थी। नीलेश बताती हैं कि मैं जब भी सड़क पर किसी बच्ची को घूमते देखती हैं, तो मन विचलित हो जाता है।
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कूढ़ा बीनती किसी बच्ची को देखकर आंखें भर आती हैं। इसलिए मैंने तय किया बेसहारा बेटियों को सहारा दिलाउंगी। नीलेश बताती हैं कि मेरी तीन बेटियां। मैं तीनों को बहुत प्यार करती हैं। इसके अलावा हर अनाथ बच्ची मेरी बेटी है। इसी सोच के साथ नीलेश अनाथ बेटियों की देखरेख, रहन-सहन और पढ़ाई का पूरा जिम्मा उठाती हैं।

रेलवे स्टेशन या बस स्टैँड पर लावारिस बच्चियां मिलती हैं, तो नीलेश समाज में ही बेटी की चाहत रखने वाले लोगों को उसे सौंपती हैं। इसके अलावा नीलेश कुमारी ने महिलाओं और बेटियों के दिल और दिमाग से पुलिस का डर निकालने के लिए कई सेमिनार कराए, जिसमें महिलाएं पुलिसकर्मियों से रूबरू हुईं।


महिला सुरक्षा के लिए छेड़खानी दस्ता, एक नंबर भरोसे का, स्कूल और कोचिंग संस्थानों के आसापास महिला सुरक्षा गोपनीय दस्ता की तैनाती की है। इसके फलस्वरूप लड़कियां भयमुक्त हुई हैं। छेड़खानी की घटनाएं न के बराबर हुई हैं। समाज और शहर में नीलेश के काम को तारीफ और भरपूर प्यार मिल रहा है। अपने इस मिशन को नीलेश पूरी ईमानदारी और मेहनत से आगे बढ़ा रही हैं।
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