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हर बुजुर्ग का दर्द है इनका खुद का दर्द
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Wed, 16 Dec 2015 02:59 PM IST
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वृंदावन की पावन भूमि पर भक्ति के सुर तो बहुत गूंजते हैं, लेकिन यहां एक कॉलेज की शिक्षिका डॉ. लक्ष्मी गौतम सेवा के सुर भी लगा रही हैं।
वृंदावन में विधवाओं और लाचार बुजुर्ग महिलाओं के दर्द को अपना बना लेने वाली डॉ. लक्ष्मी गौतम वैसे तो वृंदावन के एक कॉलज में एसो. प्रोफेसर के पद पर काम कर रही हैं, लेकिन कॉलेज से समय मिलने के बाद वह वृंदावन में दर-दर भटकने वाली लाचार और असहाय महिलाओं की मदद करने निकल पड़ती हैं।
पिछले 19 सालों से वह इस काम को कर रही हैं। सड़क पर पड़ी बीमार महिला को अस्पताल पहुंचाना, भूखी महिला को भोजन उपलब्ध कराना, उनकी पेंशन बनवाना, राशन कार्ड बनवाना, वस्त्र, भोजन उपलब्ध कराना लक्ष्मी की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है।
उनकी मेहनत और इस जज्बे को वृंदावन के रिक्शे और तांगे वाले भी समझते हैं। तभी तो वे किसी लाचार महिला को देखते हैं, तो तुरंत उसे उठाकर लक्ष्मी के दरवाजे छोड़ जाते हैं। लक्ष्मी भी पूरे मन से पीड़िताओं की सेवा करने में कोई कसर नहीं छोड़तीं। राज्य सरकार, राज्य महिला आयोग, राष्ट्रीय महिला आयोग की मदद से वह महिलाओं को न्याय दिलाने का कार्य कर रही हैं।
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लगभग 50 बुजुर्ग महिलाओं को लक्ष्मी काउंसलिंग कर पुनः परिवार का हिस्सा बनवा चुकी हैं। समाज सेवा के लिए डॉ. लक्ष्मी को कई सम्मान भी मिल चुके हैं। आध्यात्मिक नगरी वृंदावन में जहां सिर्फ कृष्ण भक्ति की धुन गूंजती है, वहां डॉ. लक्ष्मी गौतम सेवा के सुर लगा रही हैं।
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वृंदावन में विधवाओं और लाचार बुजुर्ग महिलाओं के दर्द को अपना बना लेने वाली डॉ. लक्ष्मी गौतम वैसे तो वृंदावन के एक कॉलज में एसो. प्रोफेसर के पद पर काम कर रही हैं, लेकिन कॉलेज से समय मिलने के बाद वह वृंदावन में दर-दर भटकने वाली लाचार और असहाय महिलाओं की मदद करने निकल पड़ती हैं।
पिछले 19 सालों से वह इस काम को कर रही हैं। सड़क पर पड़ी बीमार महिला को अस्पताल पहुंचाना, भूखी महिला को भोजन उपलब्ध कराना, उनकी पेंशन बनवाना, राशन कार्ड बनवाना, वस्त्र, भोजन उपलब्ध कराना लक्ष्मी की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है।
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उनकी मेहनत और इस जज्बे को वृंदावन के रिक्शे और तांगे वाले भी समझते हैं। तभी तो वे किसी लाचार महिला को देखते हैं, तो तुरंत उसे उठाकर लक्ष्मी के दरवाजे छोड़ जाते हैं। लक्ष्मी भी पूरे मन से पीड़िताओं की सेवा करने में कोई कसर नहीं छोड़तीं। राज्य सरकार, राज्य महिला आयोग, राष्ट्रीय महिला आयोग की मदद से वह महिलाओं को न्याय दिलाने का कार्य कर रही हैं।
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लगभग 50 बुजुर्ग महिलाओं को लक्ष्मी काउंसलिंग कर पुनः परिवार का हिस्सा बनवा चुकी हैं। समाज सेवा के लिए डॉ. लक्ष्मी को कई सम्मान भी मिल चुके हैं। आध्यात्मिक नगरी वृंदावन में जहां सिर्फ कृष्ण भक्ति की धुन गूंजती है, वहां डॉ. लक्ष्मी गौतम सेवा के सुर लगा रही हैं।