जेल में कुछ यूं कटी सुब्रत रॉय की रात!
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तिहाड़ में जेल नंबर तीन के वार्ड संख्या चार में बंद सहारा समूह प्रमुख सुब्रत रॉय की पहली रात मुश्किलों से कटी।
फर्श पर लेटकर वे रात भर करवटें बदलते रहे। उनके चेहरे पर हल्की मुस्कान के साथ तनाव भी दिखा।
उन्हें दरी, चार कंबल, तकिया और बेड शीट दी गई है। वीवीआईपी लाइफ जीने वाले रॉय को जेल के माहौल में ढलने में काफी परेशानी आई।
सुबह पांच बजे ही जग गए
तिहाड़ जेल के प्रवक्ता सुनील गुप्ता ने बताया कि रॉय सुबह पांच बजे ही जग गए। छह बजे के बाद उन्होंने जेल में मॉनिंग वॉक की।
सात बजे के बाद ब्रेकफास्ट के लिए चाय और ब्रेड दी गई। दोपहर बारह बजे तिहाड़ की ही दाल, सब्जी, रोटी, चावल और बोतल बंद पानी दिया गया।
बोतल बंद पानी वे कैंटीन से मंगा रहे हैं। दिन में उन्होंने पत्र-पत्रिकाएं पढ़कर समय बिताया। दो लोग उनसे मिलने भी आए थे। दो सुरक्षाकर्मियों विशेष तौर पर तैनात किया गया है।
स्मार्ट कार्ड जारी
अन्य कैदियों की तरह रॉय को भी स्मार्ट कार्ड जारी किया गया है। इससे वे एक सप्ताह में पंद्रह सौ रुपये तक की खरीदारी तिहाड़ की कैंटीन से कर सकते हैं। जेल में अब कूपन सिस्टम नहीं है, इसके बदले स्मार्ट कार्ड की सुविधा दी गई है। इसी से खाने-पीने और जरूरत की चीजों की खरीदारी की जा सकती है।