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अयोध्या में जरूर बनेगा राम मंदिर: स्वामी

Sun, 28 Dec 2014 12:17 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Sun, 28 Dec 2014 12:17 PM IST
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subramaniyam swamy address in bhu

वरिष्ठ भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि केंद्र में अब भाजपा की सरकार है। अयोध्या, मथुरा और काशी में भव्य मंदिर बनेगा। प्रधानमंत्री को तीनों ही मस्जिदों के मुतवल्ली को पत्र लिखकर यह बताना चाहिए कि वह इन स्थानों पर भव्य मंदिर का निर्माण करना चाहते हैं। कहा कि भारत में 40 हजार मंदिरों को तोड़कर मस्जिद बनाया गया है, हम तो केवल तीन मंदिर बनाना चाहते हैं। स्वामी शनिवार की शाम वाराणसी में बीएचयू के स्वतंत्रता भवन सभागार में यूथ इन एक्शन संस्था की ओर से ‘मैं और मेरा भारत’ विषयक संगोष्ठी में बोल रहे थे।

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‘हिंदुस्तान में रहने वाले सब हिंदू’
स्वामी ने कहा कि शोध से साबित हो चुका है कि सभी हिंदुस्तानी या तो हिंदू हैं या उनके पूर्वज पूर्वज हिंदू थे। व्यक्तिगत तौर पर हिंदुस्तान का मुसलमान भी मानता है कि उसके पूर्वज हिंदू थे मगर धर्म के ठेकेदार इसकी मुखालफत करते हैं। ब्राह्मण और दलित का डीएनए भी एक ही है।
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नोएडा में हुआ था रावण का जन्म
भाजपा नेता ने कहा कि पराक्रमी रावण ब्राह्मण था और उसका जन्म श्रीलंका में नहीं बल्कि नोएडा के पास के बसरख गांव में हुआ था। उसकी पत्नी मंदोदरी भी मेरठ से ही थी। उन्होंने तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि पर निशाना साधते हुए कहा कि वह रावण को द्रविड़ मानते थे लेकिन जब उन्हें पता चला कि रावण नोएडा में जन्मा था तो उन्होंने प्रदेश में रावण लीला बंद करा दी।
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'नई पीढ़ी को सही इतिहास पढ़ाएंगे'

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उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को जो इतिहास पढ़ाया जा रहा वह सरासर गलत है। हम नई पीढ़ी को सही इतिहास का ज्ञान कराएंगे। हम अंग्रेजों के जमाने की पाठ्य पुस्तकों को बदलेंगे।

नेहरू से राहुल तक रहे निशाने पर
स्वामी ने गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए कहा कि नेहरू से लेकर राहुल तक सब फेलियर हैं लेकिन सोनिया गांधी होशियार हैं। उनके पास दो नागरिकता हैं। मौका मिलते ही अपने देश भाग जाएंगी।

प्रारंभ में कार्यक्रम संयोजक रणवीर सिंह एवं डा. आदित्य तथा शतरुद्र प्रताप ने अंगवस्त्रम और स्मृति चिह्न देकर स्वामी का स्वागत किया। स्वामी को सुनने के लिए स्वतंत्रता भवन का सभागार युवाओं से खचाखच भरा रहा। वंदेमातरम और जय श्री राम के नारों से सभागार गूंजता रहा।

संस्कृत क्लब, संस्कृत में बात करें
सुब्रह्मण्यम स्वामी ने संस्कृतनिष्ठ हिंदी की वकालत करते हुए कहा कि हिंदुत्व की भावना जगाने के लिए  मातृ भाषा के साथ सभी को संस्कृत सीखनी होगी। उन्होंने लोगों से संस्कृत का एक क्लब बनाने व सप्ताह में एक दिन केवल संस्कृत में बात करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। आर्थिक विकास के लिए इतिहास के साथ संस्कृत का ज्ञान जरूरी है।

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