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आसाराम को जेल से बाहर निकालेंगे: बीजेपी नेता

Wed, 29 Apr 2015 05:09 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 29 Apr 2015 05:09 PM IST
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subramanian swamy will fight the case of asaram

नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में पिछले 18 महीनों से जेल में बंद आसाराम को छुड़ाने के लिए बीजेपी नेता ने प्रयास तेज कर दिए हैं। भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने आसाराम का वकील बन उन्हें जेल से बाहर निकालने की ठानी है।

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लेकिन स्वामी आसाराम का केस क्यों लड़ना चाहते हैं? इस सवाल का जवाब उन्होंने एक ट्वीट के जरिए दिया है। ट्वीट में लिंक की गई खबर में स्वामी ने कहा है कि उन्हें पता लगा है कि आसाराम के दुनियाभर में भक्त हैं और वे जेल में बंद हैं।
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स्वामी ने कहा कि उन्होंने पता किया कि आसाराम पर आरोप क्या हैं तो पता चला कि एक लड़की ने आरोप लगया था कि आसाराम ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। उन्होंने कहा उन्हें लड़की के आरोपों पर छानबीन की तो मामले पर विस्तार से जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि जिस तरह से आसाराम के खिलाफ एफआईआर हुई, उस तरह का प्रावधान क्रिमिनल लॉ में कहीं नहीं है। स्वामी के अनुसार, एक जगह अपराध हो और दूसरी जगह एफआईआर हो ऐसा कानून में प्रावधान नहीं है।
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आसाराम की गिरफ्तारी पर सोनिया गांधी पर निशाना

subramanian swamy will fight the case of asaram

पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए स्वामी ने कहा कि लड़की से बलात्कार होने का कोई पक्का सबूत नहीं है। उन्होंने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट में साफ लिखा है कि लड़की के शरीर पर कहीं भी चोट के निशान नहीं हैं। बलात्कार का कोई संकेत नहीं हैं। लड़की के शरीर में नाखून तक के खरोंच के निशान नहीं हैं।

डॉ स्वामी ने कहा कि उन्हें आश्चर्य है कि आसाराम 18 महीने से बिना बेल के जेल में कैसे बंद हैं क्योंकि सु्प्रीम कोर्ट के कई फैसलों के अनुसार, ये स्पष्ट है कि जेल अपवाद होता है और बेल अनिवार्य होता है। उन्होंने कहा कि बेल का एक ही उद्देश्य होता है कि जब ट्रायल शुरू होगा उस वक्त आसाराम को कोर्ट में पेश होना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि पूरे मामले को देखने के बाद लगा है कि इसके पीछे कोई है। उन्होंने यह भी कहा कि आसाराम जब गिरफ्तारी हुई थी उस समय राजस्‍थान में कांग्रेस की सरकार थी। केंद्र में उस वक्त कांग्रेस की सरकार थी और उनकी गिरफ्तारी हुई तो सोनिया गांधी के निर्देश पर हुई थी क्योंकि आसाराम सोनिया गांधी के खिलाफ बोलते थे और घर वापसी का अभियान चलाते थे। उन्होंने कहा कि गुजरात में जो ईसाई मिशनरी आदिवासियों को पैसे देकर ईसाई बनाते थे उन्हें आसाराम वापस ला रहे थे। और इसी नाराजगी से क्रिश्चियन लॉबी ने ऐसा किया था।
swamy

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