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जल्द 'मिलने लगेगा' छात्रों को आकाश टैबलेट
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Mon, 25 Mar 2013 04:02 PM IST
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दुनिया का सबसे सस्ता टैबलेट 'आकाश' जल्द ही छात्रों को मिलने लगेगा। केंद्रीय दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल और आकाश बनाने वाली कंपनी डेटाविंड ने भरोसा दिलाया है कि यह प्रोजेक्ट सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।
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डेटाविंड ने कहा कि कंपनी ने अभी तक 17,100 डिवाइस आईआईटी बॉम्बे को भेज दी है। 29,400 डिवाइस आईआईटी बॉम्बे को भेजे गए हैं जो उन्हें जल्द मिल जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि मानव संसाधन मंत्री पल्लम राजू ने आकाश के भविष्य को लेकर चिंता जताई थी।
'लक्ष्य के करीब'
डेटाविंड ने कहा कि 23,500 डिवाइस बनकर तैयार है जिसे पुराना भुगतान आने के बाद भेज दिया जाएगा। बाकी 30,000 यूनिट्स का मदर बोर्ड और टचस्क्रीन तैयार है। इन डिवाइस को एसेंबल भी किया जा रहा है। अगले कुछ हफ्तों में ये यूनिट तैयार हो जाएंगे।
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डेटाविंड के अध्यक्ष और सीईओ सुनीत सिंह टुली ने कहा, 'मौजूदा समय में हम लोग 2,500 से 3,000 तक यूनिट्स हर दिन अपने ग्राहकों को सप्लाई कर रहे हैं।'
उल्लेखनीय है कि डेटाविंड को 31 मार्च तक आकाश-2 की एक लाख यूनिट आईआईटी बॉम्बे को देनी थी। कंपनी ने कहा है कि वह लक्ष्य के करीब है।
'अटकलों को नकारा'
इससे पहले कपिल सिब्बल ने 'आकाश' के भविष्य से जुड़ी तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि इस टैबलेट को और बेहतर बनाने पर काम जारी है। आकाश-3 के साथ ही आकाश-4 पर भी टीम काम कर रही है।
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कपिल सिब्बल ने शनिवार को संपादकों के सम्मेलन में कहा, 'मेरे सहयोगी ने आकाश पर क्या कहा, मैं टिप्पणी नहीं करना चाहता हूं। जहां तक मेरी जानकारी है 'आकाश' को और बेहतर बनाने पर काम किया जा रहा है। यह केवल मुझे ही नहीं, बल्कि सभी छात्रों और भारतीय नागरिकों को एक प्लेटफॉर्म मुहैया कराएगा। आकाश टैबलेट सिर्फ शिक्षा के मकसद से ही नहीं, बल्कि पूरे देश की उपयोगिता के लिए उपलब्ध होगा।'
'आकाश बनाने की ढांचागत सुविधा नहीं'
उल्लेखनीय है कि मानव संसाधन मंत्री पल्लम राजू ने पत्रकारों से कहा था कि आकाश का उत्पादन एक चुनौती है। उन्होंने सुझाव दिया था कि बाजार में तमाम सस्ते टैबलेट मौजूद हैं और छात्र उनमें से कोई भी चुन सकते हैं।
वैसे भी 'आकाश' प्रोजेक्ट के पीछे शुरुआत से ही कपिल सिब्बल की अहम भूमिका रही है। आकाश उन जरूरतमंद छात्रों को सस्ते दर पर देना था जिन्हें अपनी पढ़ाई के लिए इंटरनेट की जरूरत होती है।
सिब्बल ने कहा कि राजू का बयान डेटाविंड के कांट्रैक्ट से जुड़ा था। डेटाविंड ने कांट्रैक्ट नियमों का पूरी तरह पालन किया या नहीं, यह मानव संसाधन मंत्रालय और कंपनी को बैठकर तय करना है।
'आकाश' का पहला वर्जन अक्टूबर 2011 और दूसरा वर्जन 2012 में लांच किया गया था।
सिब्बल ने बताया, 'अब संयुक्त कार्यसमिति आकाश-3 और आकाश-4 के वर्जन पर काम कर रही है। इस समिति में सीडीएसी, आईआईटी मद्रास, आईआईटी बॉम्बे और कुछ अन्य लोग शामिल हैं। मैंने समिति के सदस्य अशोक झुंझुनवाला से बात की है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि 19 वेंडर आकाश का उत्पादन करना चाहते हैं।'
सिब्बल ने कहा, 'मैं बस पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस विजन को पूरा कर रहा हूं जिसने हर किसी के लिए सूचना तकनीक की सुविधा देने की बात कही थी। मैं बस इतना ही चाहता हूं कि दुनिया का यह सबसे सस्ता टैबलेट 1.2 अरब भारतीयों के पास आसानी से सुलभ हो।'