'स्मृति ईरानी का दावा झूठा, जांच दल का प्रमुख दलित नहीं था'
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हैदराबाद युनिवर्सिटी में छात्र कल्याण के डीन पी प्रकाश बाबू ने मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने ईरानी के उन दावों को झूठा करार देते हुए कहा कि जांच दल का प्रमुख दलित नहीं था।
गौरतलब है कि बुधवार को एक पत्रकार वार्ता के दौरान स्मृति ईरानी ने कहा था कि रोहित वेमुला की आत्महत्या के मामले की जांच करने वाले दल का मुखिया ही दलित है। इसलिए इस मामले में जो भी जांच होगी वह निष्पक्ष होगी। लेकिन पी प्रकाश बाबु ने उनके इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया।
एक टीवी चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच करने वाले दल का प्रमुख कोई भी दलित नहीं था। पी प्रकाश के मुताबिक जांच दल के मुखिया विपिन श्रीवास्तव थे जो दलित नहीं है।
जमकर हो रहा है विरोध
प्रकाश बाबू ने स्मृति ईरानी से जल्द से जल्द इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि निष्काषित किए गए छात्रों को फिर से बहाल किया जाए।
आपको बता दें कि युनिवर्सिटी के छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या के बाद जबरदस्त विरोध झेल रही सरकार का बचाव करने के लिए बुधवार को स्मृति ईरानी ने एक पत्रकार वार्ता की थी। इस वार्ता में उन्होंने जांच रिपोर्टों का हवाला देते हुए यह भी कहा था कि जिस युवक ने आत्महत्या की थी वह दलित नहीं बल्कि पिछड़ी जाति से संबंधित था।
उनके इस बयान का विश्वविद्यालय के एससी/एसटी अध्यापक और अधिकारी फोरम ने विरोध किया। फोरम ने कहा कि ईरानी इस मामले मे देश को गुमराह करने की कोशिश कर रही हैं। इतना ही नहीं फोरम के सदस्यों ने निष्काषित किए गए छात्रों के समर्थन में विश्वविद्यालय के विभिन्न पदों से इस्तीफा देने की भी बात कही।