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वाराणसी में मोदी की आहट से मुश्किल में सभी दल!

Sun, 09 Mar 2014 08:24 PM IST
अजय राय/अमर उजाला, वाराणसी
अजय राय/अमर उजाला, वाराणसी Updated Sun, 09 Mar 2014 08:24 PM IST
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strategy of parties in varanasi after modi

नरेंद्र मोदी के बनारस से चुनाव लड़ने की अटकलों ने अन्य राजनीतिक दलों को अपनी चुनावी रणनीति पर नए सिरे से विचार करने पर मजबूर कर दिया है।

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मतदान तिथियों के ऐलान के पहले तक जिन पार्टियों के प्रत्याशी चुनाव में पूरी ताकत झोंके हुए थे, वे ठिठक से गए हैं। उनके प्रचार की रफ्तार धीमी हो गई है।

कांग्रेस ने तो बनारस के आसपास के जिलों के प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी लेकिन यहां के उम्मीदवार का नाम तक घोषित नहीं किया है। एकता मंच ने रणनीति बदलते हुए मोख्तार अंसारी को प्रत्याशी बनाने की तैयारी की है।
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वाराणसी संसदीय सीट पर समाजवादी पार्टी ने सबसे पहले राज्यमंत्री सुरेंद्र पटेल को प्रत्याशी बनाया।

थम गई है प्रचार की रफ्तार

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कार्यकर्ता सम्मेलन और साइकल यात्राएं आयोजित करके पार्टी हवा बांधती रही है। लगातार चुनाव की समीक्षा की जाती रही। उसके बाद टिकट बदल कर राज्यमंत्री कैलाश चौरसिया को उम्मीदवार बनाया। उसके बाद पार्टी ने सिगरा में केंद्रीय चुनाव कार्यालय स्थापित किया।

रामनगर में जनवरी में हुई देश बचाओ, देश बनाओ रैली के बाद नए प्रत्याशी ने चुनाव अभियान तेज कर दिया था। अब वह रफ्तार फिलहाल थम गई है।

साथ ही पार्टी ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष एसपी पांडेय को नया लोकसभा प्रभारी बनाया है, उन्होंने रविवार को भेलूपुर में कैंट विधानसभा का चुनाव कार्यालय का उद्घाटन भी किया।

सपा ने भी बदले तेवर

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इतना सब होते हुए भी समाजवादी पार्टी दो हफ्ते पहले के तेवर में नहीं दिख रही है जबकि पिछले दिनों राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने विधान सभा अध्यक्षों को लखनऊ बुला कर पूरी ताकत झोंकने को कहा था।

जिलाध्यक्ष अखिलेश मिश्र का कहना है कि चुनाव में कदम-कदम पर नई परिस्थितियां आती हैं और रणनीति भी बदलनी पड़ती है लेकिन मोदी का हमें कोई डर नहीं हैं। कांग्रेस की पहली सूची में आसपास के जिलों के उम्मीदवारों के नामों की घोषणा हो गई है लेकिन बनारस की प्रतिष्ठापरक सीट को छोड़ दिया गया है।

एकता मंच ने अफसां बेगम को प्रत्याशी बनाया था लेकिन मंच के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अतहर जमाल लारी का कहना है कि मोदी चुनाव लड़ते हैं तो उनकी पार्टी मोख्तार अंसारी को मैदान में उतारेगी। बसपा प्रत्याशी विजय जायसवाल भी मंथर गति से चुनाव अभियान चला रहे हैं जबकि अपना दल ने उम्मीदवार ही नहीं तय किया है।

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