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दो पत्नियां-दो कनेक्शन, मंत्री के पास पहुंचा मामला

Thu, 29 Nov 2012 08:09 AM IST
नई दिल्ली/एजेंसी/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/एजेंसी/इंटरनेट डेस्क Updated Thu, 29 Nov 2012 08:09 AM IST
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strange case related kyc form

गैस कंपनियों ने पहले ही यह साफ कर दिया था कि उन उपभोक्ताओं को केवाईसी फार्म नहीं भरना पड़ेगा जिनके पते पर केवल एक गैस कनेक्शन है, लेकिन एक आदमी के नाम पर दो कनेक्शन नहीं रहने दिए जाएंगे। ये फरमान जहां आम लोगों को सुकून दे रहा है, वहीं दिल्ली के दरियागंज में एक कस्टमर बहुत परेशान है।

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उसने अपनी परेशानी से दरियागंज की गैस एजेंसी के मालिक को भी खासी उलझन में डाल दिया है। उनकी समझ में नहीं आ रहा कि वह क्या करें। काफी सोच-विचार कर उन्होंने इस बात को पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली के सामने रख ही दिया। अब वहां से जो भी डिसिजन लिया जाएगा, उसी के तहत कस्टमर के एक कनेक्शन का भविष्य तय किया जाएगा।
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असल में एजेंसी मालिक के पास एक कस्टमर आया। उसने बताया कि उसकी दो पत्नियां हैं और दोनों अलग-अलग पते पर रहती हैं। यानी उनकी रसोई अलग-अलग है। दोनों से उनके दो-दो बच्चे भी हैं। अब वह कौन से कनेक्शन के लिए केवाईसी फॉर्म भरें और कौन से के लिए नहीं? कस्टमर के इस सवाल ने गैस एजेंसी मालिक पीएन सेठ को भी चक्कर में डाल दिया।
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सेठ ने बताया कि उनकी फेडरेशन मंगलवार को पेट्रोलियम मंत्री से मिले थे। वहां विभिन्न समस्याओं के समाधान के साथ-साथ इस कस्टमर की समस्या को भी रखा गया। मंत्री के कहने पर यह प्रॉब्लम उन्हें लिखकर दे दी गई है। उन्होंने बताया कि फिलहाल तेल कंपनियों की ओर से एक ही पते पर एक नाम से एक से अधिक रसोई गैस कनेक्शन लेने वालों के कनेक्शन बंद किए जा रहे हैं। नो योर कस्टमर यानी केवाईसी फॉर्म भरने के बाद ही उनके कनेक्शन खोले जा रहे हैं।

सेम नेम, सेम एड्रेस वालों में सिर्फ एक ही कनेक्शन काम करेगा, बाकी बंद हो जाएंगे। दूसरी तरह के उन कनेक्शन वालों को केवाईसी फॉर्म भरना जरूरी है जो कि सेम एड्रेस, डिफरेंट नेम वाले हैं। यानी एक ही पते पर अलग-अलग नाम से गैस कनेक्शन लेने वालों को केवाईसी भरना अनिवार्य है।

सेठ के मुताबिक, हालांकि लाल कुआं में रहने वाला यह कस्टमर इन दोनों कैटेगरी में तो नहीं आता, लेकिन उसने भविष्य में होने वाली संभावित समस्या से अभी ही छुटकारा पाने के लिए हमसे संपर्क किया। उनका कहना है कि दोनों कनेक्शन उसके ही नाम पर हैं, मगर उनके एड्रेस अलग-अलग हैं। दोनों पतों पर उसकी दो पत्नियां दो-दो बच्चों के साथ रहती हैं। ऐसे में वह केवाईसी भरें या नहीं?


इस मामले में ऑल इंडिया एलपीजी डिस्ट्रिब्यूटर फेडरेशन के दिल्ली रीजन के प्रेजिडेंट चंद्रप्रकाश का कहना है कि मामला वाकई अलग है। दिल्ली में इस तरह का पहला मामला सामने आया है। इसलिए तेल कंपनी और मंत्रालय ही इस समस्या का निदान कर सकता है। आने वाले समय में हो सकता है कि इस तरह के और भी कस्टमर हमारे सामने आएं। इसलिए हमें भी समय रहते स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए कि ऐसे कस्टमर के साथ हमें क्या करना होगा।

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