ललित मोदी की मदद करने के मामले में फंसे ये सांसद
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आईपीएल के पूर्व चीफ ललित मोदी को यात्रा दस्तावेज दिलाने के मामले में भारतीय मूल के ब्रिटिश सांसद कीथ वाज पर भी आरोप लग रहे हैं। टी-20 में करोड़ों का घोटाला करने के बाद मोदी भारत ने नहीं आ रहे थे और लंदन को अपना बसेरा बना लिया था। ब्रिटिश मीडिया का कहना है कि वाज ने सुषमा स्वराज का नाम लेकर ब्रिटेन के शीर्ष आव्रजन अधिकारी पर दबाव डाला ताकि वे ललित मोदी को पुर्तगाल जाने का यात्रा दस्तावेज जारी कर दें।
दरअसल भारत सरकार के लुकआउट नोटिस की वजह से ललित मोदी ब्रिटेन छोड़ कर बाहर नहीं जा सकते थे। आईपीएल में घोटाले की वजह से ललित मोदी के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया गया था।
मोदी ने सुषमा से कहा था कि उन्होंने यात्रा दस्तावेज के लिए आवेदन किया था और ब्रिटिश सरकार इसे जारी करने के लिए राजी थी। लेकिन यूपीए सरकार ने कहा था कि अगर उन्हें वीजा दिया गया तो भारत और ब्रिटेन के रिश्ते खराब हो सकते हैं। इसलिए वहां की सरकार हिचक रही थी।
सुषमा के भतीजे को ब्रिटेन में एडमिशन में मदद करने का आरोप
सुषमा ने इस मामले में ट्वीट करके कहा कि उन्होंने मोदी की मानवीय आधार पर मदद करने के लिए ब्रिटिश उच्चायुक्त को कहा था कि यह देखा जाए कि क्या ब्रिटेन के मुताबिक ललित मोदी की मदद की जा सकती है।
अगर ब्रिटिश सरकार मोदी को वीजा देती है तो इससे भारत-ब्रिटेन के रिश्ते खराब नहीं होंगे। कीथ वाज ने भी मुझसे बात की थी और मैंने ब्रिटिश उच्चायुक्त से हुई बातचीत के बारे में उन्हें बताया था। मैं यह भी बता सकती हूं कि दिल्ली हाई कोर्ट ने ललित मोदी का पासपोर्ट जब्त करने के यूपीए सरकार के आदेश को रद्द कर दिया था।
स्वराज ने अपने भतीजे ज्योर्तिमय कौशल के ससेक्स की लॉ यूनिवर्सिटी में दाखिले में वाज की ओर से मदद देने के मामले में कहा कि उसका दाखिला सामान्य प्रक्रिया से 2013 में हुआ था। यह मेरे मंत्री बनने से एक साल पहले की बात है।
गौरतलब है कि कंजरवेटिव पार्टी के सांसद एंड्रयू ब्रिजेन ने ब्रिटिश संसदीय मानक के आयुक्त केथरीन हडसन को पत्र लिख कर कहा है कि वह इस बात की जांच कराएं कि क्या वाज ने आचारसंहिता का उल्लंघन किया है। कहा जा रहा है कि वाज ने ही ब्रिटेन के वीजा और इमिग्रेशन की महानिदेशक सराह रेपसन को निजी पत्र लिख कर मोदी की मदद करने को कहा था।