'उन्होंने लड़कियों को बना दिया खरीद-फरोख्त का सामान'
उल्लेखनीय है सुन्नी आतंकी संगठन आईएसआईएस ने इराक ओर सीरिया के बड़े हिस्से पर कब्जा कर रखा है। संगठन के अपने कब्जे के इलाकों को इस्लामिक स्टेट का दर्जा दिया है। यजीदी और कुर्द समुदाय पर ये आतंकी कहर बनकर टूटे हैं।
आईएस के कब्जे से छूटकर आई 15 वर्षीय किशोरी ने कुर्दिस्तान के शहर इरबिल में एएनआई से बातचीत में कहा, 'आईएस के कब्जे से छूटने के बाद भी मैं यही सोचती रहती हूं कि मैं अपने दोस्तों को छुड़ाने के लिए क्या कर सकती हूं।'
उसने बताया कि उसने कई गैर सरकारी संगठनो (NGOs) से संपर्क किया है। ये संगठन उन इलाकों में मानवाधिकार के लिए काम कर रहे हैं। इससे पहले आईएस के कब्जे से छूटकर आए दो किशोरों ने बताया कि उन्हें आईएस के आतंकी ऐसे वीडियो देखने को मजबूर करते थे, जिसमें यजिदी समुदाय के लोगों को मारते हुए दिखाया जाता था।
IS के कब्जे से छूटकर आई 15 वर्षीय किशोरी
आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के कब्जे से छूटकर आई 15
वर्षीय किशोरी ने भयावह कहानी बयान की है। समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत
में उसने बताया कि आईएस के कब्जे में जबरन लड़कियों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। उन्हें आईएस के आतंकियों से विवाह करने को मजबूर किया जा रहा है।
लड़की
ने बताया कि आईएस के आतंकी महिलाओं और बच्चों को कैद कर रखा है। वे आपस
में ही उन्हें खरीद और बेच रहे हैं। महिलाओं और युवतियों का धर्म परिवर्तन
कराया जा रहा है और आतंकियों से जबरन विवाह कराया जा रहा है।
लड़की
ने बताया कि वह आईएस के चंगुल से आजाद हो चुकी है, फिर भी बहुत खुश नहीं
है। वह अपने उन दोस्तों को लेकर परेशान है जो आईएस के कब्जे में हैं।