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'कैमरे के सामने लगा, मैं न्यूड हो गई हूं'

Wed, 20 Aug 2014 06:45 PM IST
Updated Wed, 20 Aug 2014 06:45 PM IST
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story of murcyleen peerzada a woman preacher

'कैमरे का पहली बार सामना होते ही लगा की मैं न्यूड हो गई। मेरी भावनाओं और शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं बचा। मैंने सलवार और कमीज पहन रखी थी, फिर भी मुझे डर लगा रहा था। मैं बेचैन थी।'

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कैमरे के सामने पहली बार आते ही मर्सीलीन के मन ये खयाल उभरे। मर्सिलीन पीरजादा का सपना करीना कपूर बनना था। कॉलेज के अंतिम दिनों में उन्हें कई फिल्मों का ऑफर आया। लेकिन मर्सीलीन के रईस पिता फिरोज पीरजादा ने हमेशा उन्हें यही समझाया कि जब तक यशराज बैनर की फिल्मों का ऑफर न आए, फिल्मों में काम ना करना।
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हालांकि ये बात दो साल पुरानी है। मर्सीलीन को यशराज बैनर से ऑफर मिला। वो काम करने को तैयार भी हो गईं, लेकिन पहली बार कैमरे का सामना होते ही सिनेमा से उनका मोहभंग हो गया। हीरोइन बनने का बचपन का सपना कैमरे के एक फ्लैश से ही खाक हो गया।
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23 साल की मर्सीलीन अब करीना बनने का सपना नहीं देखती, वे एक धार्मिक उपदेशक बनना चाहती है। उन्होंने इस्लाम के प्रचार को ही जीवन का लक्ष्य बना लिया है। वो यास्मीन मोगाहिद बनना चाहती हैं। यास्मीन मिस्त्र में पैदा हुईं अमेरिकी धार्मिक उपदेशक हैं, जो इस्लाम का प्रचार-प्रसार करती हैं।

जब मर्सीलीन की मुलाकात यश चोपड़ा से हुई

story of murcyleen peerzada a woman preacher

कश्मीरी मूल की मर्सीलीन के पिता फिरोज पीरजादा मुंबई के रईस उद्योगप‌ति हैं। वे यश चोपड़ा के दोस्त भी थे। दोनों एक दूसरे को तीस सालों से जानते थे। फिरोज ने ही मर्सीलीन की मुलाकात यश से कराई थी।

मर्सीलीन फिल्मों मे काम करने का शौक रखती थी। यश ने उसे फिल्म 'एक था टाइगर' में सहायक निर्देशक का काम दिया।

एक अंग्रेजी अखबार को दिए साक्षात्कार में मर्सीलीन ने बताया, 'मुझे सहायक निर्देश का पहला काम दिया गया। मुझे लगा कि हीरोइन बनने की ये पहली सीढ़ी है। मैं एक्टिंग करने के लिए बेताब थी।'

'एक था टाइगर' के बाद मर्सीलीन को यशराज बैनर ने 'शुद्घ देसी रोमांस' के लिए सहायक कॉस्टयूम निर्देशक के रूप में साइन किया। हालांकि फिल्म निर्देशक मनीष शर्मा हीरोइन के रूप में किसी नए चेहरे को लेना चाहते थे। उन्होंने मर्सीलीन को स्क्रीन टेस्ट के लिए बुलाया।

लेकिन कैमरे का सामना करते ही मर्सीलीन का सपना और सोच ही बदल गई।

तब तक अवसाद में जा चुकी थी मर्सीलीन

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कैमरे के सामने आते ही मर्सीलीन को लगा कि जैसे उनके कपड़े उतार लिए गए हों। वह खुद को असुर‌क्षित और बेचैन महसूस कर रही थीं। अपने पहले और अंतिम स्क्रीन टेस्ट के बाद ही उन्होंने बॉलीवुड को अलविदा कह दिया।

उन्होंने यश चोपड़ा के बेटे ‌आदित्य को मैसेज किया और कहा कि वे अब अभिनय नहीं करना चाहती। उन्होंने सहायक निर्देशन करने से भी मना कर दिया। उस ‌स्क्रीन टेस्ट के बाद मर्सीलीन बिलुकल बदल गईं। उन्हें फिल्में छोड़ दी और कॉस्ट्यूम स्टाईलिस्ट के रूप में फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा के साथ काम करना शुरू किया।

चंद दिनों बाद ही अक्टूबर, 2012 में यश चोपड़ा की मृत्यु हो गई, जिससे मर्सीलीन को गहरा सदमा लगा। उन्होंने कहा, 'यश मेरे मार्गदर्शक थे, उन्होंने मुझे हमेशा सपोर्ट किया।' मर्सीलीन ने बताया कि यश के मौत के बाद उन्होंने अपने बारे में दोबारा सोचना शुरू किया। मर्सीलीन को तब तक नाच और गाना अच्छा लगता था। यश की मौत के बाद उन्हें वो भी बुरा लगने लगा।

वहीं से मर्सीलीन का झुकाव अध्यात्म की ओर होने लगा। उन्होंने अपने जीवन के मकसद के बारे में सोचना शुरू किया। मनीष मल्होत्रा को भी उन्होंने छोड़ दिया। वे तीन चार महीने घर पर बैठी रहीं।

उन्होंने बताया, 'मैं बिलकुल अवसाद में जा चुकी थीं। मेरे दोस्तों को फिल्म इंडस्ट्री में बड़े ऑफर मिल रहे थे और मैं घर पर बैठी थी।'

अध्यात्‍म की ओर झुकतीं गई मर्सिलीन

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उन्हीं दिनों मर्सीलीन की नजर अपने ‌ही घर में पड़ी पत्रिकाओं के ढेर पर पड़ी। ये मुस्लिम धर्मगुरु जाकिर नाइक के उपदेशों की पत्रिकाएं थीं, जिन्हे कोई प्रचारक छह सालों से हर महीने उनके घर में डाल जाता लेकिन किसी ने कभी उन्हें देखा तक नहीं।

लगभग डेढ़ साल पहले मर्सीलीन ने उसी ढेर से एक पत्रिका उठा कर पढ़ना शुरु किया। पात्रिका का विषय था- इस्लाम में महिलाएं। उन्होंने बताया, 'मैं धार्मिक नहीं थी। मैं कभी नमाज भी पढ़ती थी, लेकिन उस मैगजीन ने मुझे बांध लिया। मैंन उसे खत्म करने के बाद ही दम लिया। उस किताब ने ही मुझे अपना जीवन का मकसद ढूंढ़ने में मदद की।'

मर्सीलीन ने बताया‌ कि उसके बाद उन्होंने इंटरनेट पर इस्लाम के बारे में पढ़ना शुरू किया। उन्होंने यूट्यूब पर नौमान अली खान और यास्मिन मोगाहिद के वीडियो देखे। उसके बाद उनकी जिंदगी बदलती चली गई।

मर्सीलीन इस्लामिक प्रचारक बन चुकी हैं

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मर्सीलीन धर्म की पढ़ाई के लिए मार्च, 2013 में जाकिर नाइक की पत्नी फरहा नाईक के संस्‍थान में दाखिला लिया। वहां उन्होंने इस्लाम के उपदेशों का प्रशिक्षण लिया और खुद उपदेश देने शुरु किए।

मर्सीलीन इस्लामिक प्रचारक बन चुकी हैं। वे अब तक 10 सार्वजनिक कार्यक्रम कर चुकी हैं। उन्होंने 10 अगस्त को श्रीनगर में भी एक कार्यक्रम किया था।

उनका रहनसहन और पहनावा भी बदल चुका है। अब जींस और टी शर्ट जैसे पहनावों के बजाय केवल बुर्का पहनती हैं। उन्होंने बताया कि पहले जब वे दुबई जातीं तो ढेर सारे नए ढंग के कपड़े लाती थीं, लेकिन अब केवल बुर्का ही खरीद कर लाती हैं।

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