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सऊदी में बंधक रहे आकाश ने बयां किया अपना दर्द

Sun, 03 Jan 2016 12:10 PM IST
Updated Sun, 03 Jan 2016 12:10 PM IST
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story of akash in saudi arab

सऊदी अरब में महीनों बंधक रहे आकाश को इस बात का सुकून है कि वह सकुशल अपने घर (जौनपुर) लौट आए हैं। बड़ी कंपनी में नौकरी दिलाने का आश्वासन देकर उन्हें उनके परिचितों ने सऊदी अरब भेजा था।

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मगर वहां उनके साथ जो सलूक हुआ, उसे बयां करते हुए आकाश सिहर उठते हैं। आकाश ने बाबतपुर एयरपोर्ट पर बताया कि बंधक बनाकर उन पर बेइंतहा जुल्म ढाए गए। हफ्तों भूखे पेट सोना पड़ा।
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 एअर इंडिया की उड़ान संख्या एआई 695 से शनिवार को बाबतपुर पहुंचे आकाश ने अपनी सकुशल रिहाई का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज सहित अपने मित्र विकास योगी को दिया। वाराणसी एयरपोर्ट पर केवल उनके दोस्त रंजीत विश्वकर्मा उन्हें लेने आए थे।
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आकाश जौनपुर, बड़ी मस्जिद स्थित शिवाजी कॉलोनी के अबीरगढ़ टोला के रहने वाले हैं। एक एजेंट के माध्यम से पिछले वर्ष 21 अक्तूबर को सऊदी अरब में काम करने गए थे।

उन्होंने बताया कि जाते समय वहां किसी बड़ी कंपनी में अच्छा काम दिलाने का आश्वासन दिया गया लेकिन वहां पहुंचते ही ईंट निर्माण में लगा दिया गया और जब उन्होंने इस काम को करने से इनकार किया तो उन्हें बंधक बना लिया गया।

सुषमा स्वराज को ट्वीट किया वीडियो

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वहीं काम करने के दौरान उत्तर प्रदेश के कुशीनगर और मऊ के निवासी एखलाक, आलम और असगर से उनकी मुलाकात हुई। सारी समस्या सुन लेने के बाद उन लोगों ने आकाश सेठ को सोशल मीडिया के जरिये अपनी बात दुनिया को बताने की सलाह दी।

आकाश ने मोबाइल से अपनी परिस्थितियों पर आधारित वीडियो बनाने के बाद फेसबुक पर अपलोड कर दिया। उस वीडियो को विकास योगी नामक एक युवक ने देखा और सुषमा स्वराज को ट्वीट किया इसके बाद विदेश मंत्रालय ने भारतीय एंबेसी के अधिकारियों को आकाश सेठ के पास भेजा जिससे उनकी रिहाई संभव हो पाई।

आकाश ने बताया कि मोहम्मद कैश नामक एजेंट के माध्यम से वह गया था। तीन महीने में उन्हें मात्र पंद्रह सौ रुपये मजदूरी के रूप में मिले। जबकि उनके एक लाख बीस हजार रुपये सऊदी अरब जाने, वहां नौकरी लगवाने के नाम पर खर्च हो गए।

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