'जो कहोगी वो खर्च कर दूंगा, मुझे बदनाम न करो'
कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव ने आजमगढ़ हाईवे पर स्थित पचहटिया के पास विवादित भूमि पर कब्जा करने के लिए एक महिला को न केवल धमकाया है बल्कि जमीन छोड़ने के एवज में उनके बेटे को उद्यान निरीक्षक बनाने का प्रलोभन भी दिया है।
मंत्री ने यह भी कहा कि सत्ता मेरी है। जो चाहूंगा, अधिकारी वही करेंगे। इसका खुलासा एक कथित स्टिंग आपरेशन में हुआ है, जिसे स्वयं पीड़ित महिला ऊषा मौर्या ने किया है। कैबिनेट मंत्री पर लगाए अपने आरोपों की सीडी उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव को भी भेजी है।
तथाकथित सीडी में कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव महिला ऊषा मौर्या से समझौता करने के लिए उनके घर के पास एक व्यक्ति के यहां गए हैं। ऊषा मौर्या के आरोपों के अनुसार वह ऊषा मौर्या से कह रहे हैं कि मुकदमा लड़ने से कोई फायदा होने वाला नहीं है।
मुकदमा जीत भी जाओगी तो कुछ होने वाला नहीं है। सत्ता मेरी है। अधिकारी वही करेंगे, जो मैं चाहूंगा। कैबिनेट मंत्री जमीन छोड़ने के एवज में महिला के बेटे को उद्यान निरीक्षक की नौकरी दिलाने का भी प्रलोभन देते नजर आ रहे हैं।
'जो कहोगी, खर्च कर दूगा'
तथाकथित सीडी में महिला कहती दिख रही हैं कि बोर्ड आफ रेवन्यू और हाईकोर्ट से फैसला मेरे पक्ष में हुआ है। इस पर मंत्री कहते हैं कि मैं मानता हूं कि प्रापर्टी तुम्हारी है, लेकिन गलती से ही सही रजिस्ट्री हो गई तो हो गई।
मैं चार-पांच करोड़ रुपये हर चुनाव में खर्च करता हूं। जो कहोगी, खर्च कर दूंगा। मुझे बदनाम न करो। तुम्हें लोग गुमराह कर रहे हैं। मैं बदनामी का मुआवजा नहीं मांग रहा हूं।
सीडी के अनुसार पारसनाथ आगे कह रहे हैं-रामगोपाल जी ने कहा था कि पारस जी मैं जानता हूं। महिला को जो लोग लेकर आए थे वे आपके विरोधी हैं। इस पर महिला कहती हैं कि मैं तो अकेले गई थी। मेरे साथ कोई नहीं गया था।
इस संबंध में कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव से कई बार फोन पर बात करने का प्रयास किया गया परंतु बात नहीं हो पाई।