फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   sting operation of cabinet minister parasnath yadav

'जो कहोगी वो खर्च कर दूंगा, मुझे बदनाम न करो'

Fri, 04 Sep 2015 08:22 AM IST
Updated Fri, 04 Sep 2015 08:22 AM IST
विज्ञापन
sting operation of cabinet minister parasnath yadav

कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव ने आजमगढ़ हाईवे पर स्थित पचहटिया के पास विवादित भूमि पर कब्जा करने के लिए एक महिला को न केवल धमकाया है बल्कि जमीन छोड़ने के एवज में उनके बेटे को उद्यान निरीक्षक बनाने का प्रलोभन भी दिया है।

विज्ञापन


मंत्री ने यह भी कहा कि सत्ता मेरी है। जो चाहूंगा, अधिकारी वही करेंगे। इसका खुलासा एक कथित स्टिंग आपरेशन में हुआ है, जिसे स्वयं पीड़ित महिला ऊषा मौर्या ने किया है। कैबिनेट मंत्री पर लगाए अपने आरोपों की सीडी उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव को भी भेजी है।
विज्ञापन


तथाकथित सीडी में कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव महिला ऊषा मौर्या से समझौता करने के लिए उनके घर के पास एक व्यक्ति के यहां गए हैं। ऊषा मौर्या के आरोपों के अनुसार वह ऊषा मौर्या से कह रहे हैं कि मुकदमा लड़ने से कोई फायदा होने वाला नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मुकदमा जीत भी जाओगी तो कुछ होने वाला नहीं है। सत्ता मेरी है। अधिकारी वही करेंगे, जो मैं चाहूंगा। कैबिनेट मंत्री जमीन छोड़ने के एवज में महिला के बेटे को उद्यान निरीक्षक की नौकरी दिलाने का भी प्रलोभन देते नजर आ रहे हैं।

'जो कहोगी, खर्च कर दूगा'

sting operation of cabinet minister parasnath yadav

तथाकथित सीडी में महिला कहती दिख रही हैं कि बोर्ड आफ रेवन्यू और हाईकोर्ट से फैसला मेरे पक्ष में हुआ है। इस पर मंत्री कहते हैं कि मैं मानता हूं कि प्रापर्टी तुम्हारी है, लेकिन गलती से ही सही रजिस्ट्री हो गई तो हो गई।

मैं चार-पांच करोड़ रुपये हर चुनाव में खर्च करता हूं। जो कहोगी, खर्च कर दूंगा। मुझे बदनाम न करो। तुम्हें लोग गुमराह कर रहे हैं। मैं बदनामी का मुआवजा नहीं मांग रहा हूं।

सीडी के अनुसार पारसनाथ आगे कह रहे हैं-रामगोपाल जी ने कहा था कि पारस जी मैं जानता हूं। महिला को जो लोग लेकर आए थे वे आपके विरोधी हैं। इस पर महिला कहती हैं कि मैं तो अकेले गई थी। मेरे साथ कोई नहीं गया था।

इस संबंध में कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव से कई बार फोन पर बात करने का प्रयास किया गया परंतु बात नहीं हो पाई।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed